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चलने की औसत

चलने की औसत
उदयपुर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इस हफ्ते मौसम साफ रहेगा. सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक 157 चलने की औसत है और 'मध्यम' श्रेणी में है.

Rajasthan Weekly Weather Forecast: राजस्थान में मई में औसत से ज्यादा रहेगा पारा और कम होगी बारिश, जानें- इस हफ्ते के मौसम का ताजा अपडेट

By: ABP Live | Updated at : 02 May 2022 09:53 AM (IST)

राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने के हैं आसार (सांकेतिक तस्वीर)

Rajasthan Weekly Weather and Pollution Report: राजस्थान (Rajasthan) में मौसम में हुए बदलाव की वजह से हीट वेव के प्रकोप से राहत मिलती महसूस हो रही है. इस बीच गर्मी में भी थोड़ी कमी जरूर आई है, लेकिन सितम अभी जारी रहने वाला है. मौसम केंद्र जयपुर (Mausam Kendra Jaipur) के मुताबिक एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद लू से राहत मिली है. मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते राजस्थान के कई जगहों पर आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के साथ-साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. वहीं कुछ जगहों पर गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा.

5 लाख करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं बढ़ी रफ्तार, क्या 55 किमी प्रति घंटा चलने वाली ट्रेनों को 'सुपरफास्ट' कह सकते हैं, कैग रिपोर्ट में खुलासा

indian railway superfast train speed not increase spend 2-5 lakh crores running 55 kmph be called 'superfast' CAG report | 2.5 लाख करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं बढ़ी रफ्तार, क्या 55 किमी प्रति घंटा चलने वाली ट्रेनों को 'सुपरफास्ट' कह सकते हैं, कैग रिपोर्ट में खुलासा

Highlights रेलगाड़ियों की औसत गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक होनी चाहिए। सुपरफास्ट के रूप में वर्गीकृत 123 रेलगाड़ियां ऐसी हैं। 2007 से रेलगाड़ियों को ‘सुपरफास्ट’ के रूप में वर्गीकृत करने के मानक में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नई दिल्लीः नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि रेलगाड़ियों को ‘सुपरफास्ट’ के रूप चलने की औसत में वर्गीकृत करने के लिए 55 किलोमीटर प्रति घंटे का मानक काफी कम है, जबकि कई ऐसी रेलगाड़ियां न्यूनतम गति से भी कम रफ्तार से चलती हैं। 2.5 लाख करोड़ खर्च करने के बाद हाल बुरा है।

अगर घटाना है वजन तो इतना चलें पैदल

वजन कम करने के लिेए पैदल चलना एक शानदार तरीक़ा है। पैदल चलने से वजन कम होने के कई कारण हैं। जैसे अधिकांश लोगों को पैदल चलना अच्छा लगता है और ये हमारे जोड़ों पर भारी नहीं होता है। इसके अलावा ये व्यायाम का सबसे आसान और सुरक्षित तरीक़ा है। पैदल चलने से जब एक बार वजन कम हो जाता है, तो वो अधिक समय तक बना रहता है और जल्दी से वजन नहीं बढ़ता है।

  1. पैदल चलने से वजन घटाने में कितना समय लगेगा - How much time will it take you to lose weight by walking in Hindi
  2. कितना पैदल चलें - How much should you walk in Hindi
  3. पैदल चलने से कितनी कैलोरी कम होगी - How many calories will you burn by walking in Hindi

पैदल चलने से वजन घटाने में कितना समय लगेगा - How much time will it take you to lose weight by walking in Hindi

आप पैदल चलने से एक हफ्ते में आसानी से 1/2 किलो वजन कम कर सकते हैं। हर हफ्ते इतना वजन कम करना सुरक्षित है और इससे आपके स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। तो अगर आपका लक्ष्य है 10 किलो वजन कम करना, तो हर हफ्ते 1/2 किलो की औसत से आप सिर्फ 20 हफ्ते, यानी 5 महीने में ही 10 किलो वजन घटा पाएंगे। अगर आप उसके बाद भी पैदल चलना जारी रखेंगे तो आपका वजन कम ही रहेगा और दुबारा बढ़ेगा नहीं।

हर हफ्ते 1/2 किलो वजन घटाने के लिए आपको रोज़ पैदल चलने के द्वारा 250 - 500 कैलोरी बर्न करने की ज़रुरत पड़ेगी। यदि पैदल चलने भर से आप इतनी कैलोरी बर्न नहीं कर पाते हैं तो आपको अपने डाइट पर ध्यान देना पड़ेगा।

कितना पैदल चलें - How much should you walk in Hindi

शुरूआती दिनों में आप कम से कम हफ्ते में 3 दिन 15 से 20 मिनट चलें। इसके बाद धीरे-धीरे पैदल चलने की समय सीमा और दिन दोनों को बढ़ाएं। समय सीमा तब तक बढ़ाते रहे जब तक 30 से 60 मिनट पैदल चलने में सक्षम नो हो जाएँ।

पैदल चलना आपके लिए बोझिल न हो इसलिए के लिए बाहर टहलने की जगह बदलते रहें। साथ ही आप पैदल चलते समय हेडफोन लगा कर म्यूजिक भी सुन सकते हैं। या इसके बजाय आप किसी दोस्त के साथ वाक के लिए जा सकते हैं। ऐसा करने से आपका मजोरंजन भी होगा और आप टहलना भी हो जाएगा। मगर इस बात का ध्यान रहें की चलने को पहली प्राथमिकता दें।

सुबह सूर्योदय के समय चलना स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा होता है। तो कोशिश करें की सुबह तो अवश्य ही टहलने जाएँ, और हो सके तो शाम को भी।

पैदल चलने से कितनी कैलोरी कम होगी - How many calories will you burn by walking in Hindi

पैदल चलने से, प्रति मिनट कितनी कैलोरी बर्न होगी ये आपके वजन और चलने की गति पर निर्भर करता है। यदि आप साढ़े 6 किलोमीटर प्रति घंटें की रफ़्तार से चलेंगे तो आप प्रति मिनट अपने चलने की औसत वजन के हिसाब से इतनी कैलोरी काम कर सकते हैं -

आपका वजन प्रति मिनट कितनी कैलोरी काम कर सकते हैं
55 4.7
65 5.5
75 6.3
85 7.1
90 7.8
100 8.6

तो इसका क्या अर्थ है?

मान लीजिये आपका वजन 65 किलो है, और आप 10 किलो वजन कम करना चाहते हैं। तो रोज़ाना आप चल कर प्रति दिन 250 अतरिक्त कैलोरी बर्न करने की कोशिश करें (ऐसा करने से प्रति हफ्ता 1/2 किलो वजन कम होगा)। चूंकि आपका वजन 65 किलो है, तो 250 कैलोरी कम करने के लिए आपको प्रतिदिन 6.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 45 मिनट (250 को 5.5 से भाग करें) चलना होगा।

Petrol vs Diesel vs CNG: आपके लिए कौन सी कार रहेगी सबसे बढ़िया और देगी बेहतरीन माइलेज

Petrol vs Diesel vs CNG: आपके लिए कौन सी कार रहेगी सबसे बढ़िया और देगी बेहतरीन माइलेज

TV9 Bharatvarsh | Edited By: समर्थ सारस्वत

Updated on: Jul 18, 2022 | 10:40 AM

नई कार खरीदने से पहले लोगों के मन में लाख सवाल होते हैं. लोग अपने बजट के मुताबिक कार कंपनी, ब्रांड, साइज, वेरिएंट आदि का चुनाव करते हैं. लेकिन सब चीजों पर गौर करने के बाद बात एक जगह आकर अटक जाती है- कार का माइलेज. किसी भी कार का माइलेज ईंधन के ऊपर निर्भर करता है. अब सवाल यह उठता है कि नई कार पेट्रोल से चलने वाली होनी चाहिए डीजल से चलने वाली. अगर पेट्रोल और डीजल के दाम से खौफ लगता है तो सीएनजी कार का ऑप्शन भी बचता है. इसलिए यहां हम कुछ ऐसी जानकारी लाए हैं, जिससे आप जान पाएंगे कि आपके लिए कौन-सा मॉडल ठीक रहेगा.

नई कार खरीदने से पहले खुद से करें सवाल

  • आपको कार क्यों चाहिए? घर ऑफिस और ऑफिस से घर आने के लिए, लंबी ट्रिप्स पर जाने के लिए या केवल समाजिक ऐतबार से.
  • बचत के लिहाज से कौन सा ईंधन बेहतर रहेगा? पेट्रोल, डीजल या सीएनजी.
  • कौन-सा ईंधन इस्तेमाल करने से कार की कंडीशन लंबे समय तक बढ़िया रहेगी?
  • जरूरत के लिहाज से क्या एक बड़ी कार खरीदनी ठीक रहेगी या छोटी कार?
  • कभी-कभार चलानी हो- अगर आप अपनी कार को एक महीने में 500 चलने की औसत किमी (एक साल में लगभग 5,000-7,000 किमी) से भी कम चलाएंगे, तो आपके लिए पेट्रोल से चलने वाली कार बेहतर रहेगी.
  • नॉर्मल या औसत चलाएंगे- अगर आप एक महीने में कार से 800-1,000 किमी (एक साल में लगभग 10,000-12,000 किमी) का सफर तय करेंगे, तो सीएनजी कार आपके लिए मुफीद रहेगी.
  • औसत से थोड़ा ज्यादा चलाना- अगर आपकी कार एक महीने में 1,200-1,400 किमी (एक साल में लगभग 15,000-16,000 किमी) चलेगी, तो भी सीएनजी कार ही आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है.
  • ज्यादा हैवी ड्राइविंग के लिए- अगर आप एक ही महीने में 2,000 किमी (एक साल में लगभग 20,000 किमी) से ज्यादा का सफर तय करेंगे, तो डीजल की कार खरीदना बेहतर रहेगा. डीजल की कार मेंटेनेंस कॉस्ट घटाती और आप ईंधन के खर्च को कम कर सकते हैं.

5 सवाल 5 जवाब: गर्मी और सताएगी? टेंपरेचर का अल नीनो से क्या है नाता, जानें क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक

मौसम विभाग ने दिल्ली में ‘लू’ चलने की चेतावनी दी

नई दिल्ली: भारत में 122 सालों में इस साल मार्च के महीने में औसत तापमान सबसे अधिक रहा. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर और मध्‍य भारत में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं हैं. मौसमी परिस्थितियों, मानसून के पैटर्न, हिमालयी और तटीय क्षेत्रों पर इसके प्रभाव के बारे में भारत मौसम विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेन्द्र कुमार जेनामणि से पांच सवाल और उनके जवाब.


सवाल : पिछले 122 वर्षो में इस वर्ष मार्च महीने में औसतन सबसे अधिक चलने की औसत गर्म दिन रहने की रिपोर्ट आई है. इसके क्या कारण हैं ?

जवाब : भारत में चलने की औसत तापमान का रिकार्ड वर्ष 1901 से रखा जाना शुरू हुआ था. साल 2022 के मार्च महीने के तापमान ने वर्ष 2010 के मार्च में दर्ज औसत अधिकतम तापमान के सर्वकालिक औसत को पार कर लिया. 2010 के मार्च में अधिकतम तापमान का औसत 33.09 डिग्री सेल्सियस रहा था लेकिन मार्च 2022 में औसत तापमान 33.1 डिग्री दर्ज किया गया.

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