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व्यापारियों को जीएसटी से लाभ

व्यापारियों को जीएसटी से लाभ
दिल्ली के एक्साइज, कस्टम व सर्विस टैक्स डिप्टी कमिश्नर रवनीतसिंह खुराना ने एक उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि मैंने अपनी बेटी के जन्मदिन के लिए होटल बुक किया। होटल वाले को एडवांस कुछ पैसा दिया। लेकिन अभी सेवा नहीं ली और उसका बिल भी नहीं मिला तो भी जीएसटी लगेगा। दरअसल व्यापारियों को जीएसटी से लाभ जिस दिन पैसे का लेन-देन किसी वस्तु या सेवा के लिए होगा जीएसटी लग जाएगा। जीएसटी कानून में बिक्री व अन्य शब्द हटा दिए गए हैं। अब सब के लिए एक ही शब्द 'सप्लाय" रखा गया है। व्यापारिक या लाभ के उद्देश्य से किसी भी व्यापारी द्वारा उत्पाद या सेवा के सप्लाय करने पर टैक्स लागू होगा। जहां पर सप्लाय के लिए पैसा लिया-दिया जाएगा वहां टैक्स लागू हो जाएगा।

GST पर आयोजित हुआ मेगा-सेमिनार, ये हैं जीएसटी पंजीकरण के लाभ

स्वाभाविक है कि जितने अधिक व्यापारी जीएसटी पंजीकरण लेंगे, कर-संग्रह भी बढ़ेगा और कर- संग्रह में वृद्धि जनता के कल्याण में और अवसंरचनात्मक विकास में प्रयोग होगा। इसलिए विकास की गंगा बहाने के लिए आवश्यक है कि पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़े। इसी उद्देश्य से जीएसटी पंजीकरण कैम्प, सेमीनार व गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।

November 17, 2021

आज वाणिज्य कर विभाग के द्वारा चलाए जा रहे जीएसटी पंजीकरण अभियान के तहत खण्ड- 12 के डिप्टी कमिश्नर धर्मेन्द्र चौधरी के निर्देशन में सेक्टर-61 , नोएडा स्थित शॉप्रिक्स मॉल में एक मेगा-सेमीनार का आयोजन किया गया । जिसमें सैकड़ों व्यापारियों ने सहभागिता की। उक्त मेगा- सेमीनार में मुख्य-वक्ता श्याम सुन्दर पाठक, असिस्टेंट कमिश्नर , खण्ड- 12 ने जीएसटी पंजीकरण के विषय में विस्तार से बताया और उपस्थित व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया। श्याम सुन्दर पाठक ने बताया व्यापारियों को जीएसटी से लाभ व्यापारियों को जीएसटी से लाभ कि माननीय मुख्यमन्त्री जी का स्वप्न है कि प्रदेश में 25 लाख पंजीकृत व्यापारी हों ताकि डीलर बेस बढ़ने से कर – संग्रह की भी वृद्धि हो सके। स्वाभाविक है कि जितने अधिक व्यापारी जीएसटी पंजीकरण लेंगे, कर-संग्रह भी बढ़ेगा और कर- संग्रह में वृद्धि जनता के कल्याण में और अवसंरचनात्मक विकास में प्रयोग होगा। इसलिए विकास की गंगा बहाने के लिए आवश्यक है कि पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़े। इसी उद्देश्य से जीएसटी पंजीकरण कैम्प, सेमीनार व गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।

जीएसटी के साथ एंटी प्रॉफिटियरी एक्ट भी, टैक्स कम तो घटाना होगी कीमत भी

जीएसटी के साथ एंटी प्रॉफिटियरी एक्ट भी, टैक्स कम तो घटाना होगी कीमत भी

इंदौर। सत्तर के दशक से देश में कर ढांचे में नए कानून और प्रयोग किए जा रहे थे। समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले भी आते रहे। अब तक हुए तमाम कर कानूनों की अच्छी बातों को मिलाकर जो नया व्यंजन बनाया गया है वो ही 'जीएसटी' है। जीएसटी के साथ एंटी प्रॉफिटियरी एक्ट भी सरकार ने लागू कर दिया है। इसके तहत टैक्स कम होने पर व्यापारियों को वस्तु की कीमत घटाकर लाभ उपभोक्ता को देना होगा।

सोमवार को प्रदेश के सात सौ से ज्यादा वकीलों, कर सलाहकारों को अलग-अलग शहरों से आए केंद्र और राज्य सरकार के आला अधिकारियों ने कर कानून जीएसटी के बारे में बताया।

छोटे कारोबारियों को मिली GST Council ने दी बड़ी राहत, अब इन्‍हें भी मिली GST से छूट

GST Council (वस्‍तु एवं सेवा कर परिषद) ने छोटे कारोबारियों को बड़ी दी है. जीएसटी काउंसिल ने GST से छूट की सीमा को दोगुना कर 40 लाख रुपये कर दिया है.

छोटे कारोबारियों को GST में बड़ी राहत (फोटो: Reuters)

GST Council (वस्‍तु एवं सेवा कर परिषद) ने छोटे कारोबारियों को बड़ी दी है. जीएसटी काउंसिल ने व्यापारियों को जीएसटी से लाभ GST से छूट की सीमा को दोगुना कर 40 व्यापारियों को जीएसटी से लाभ लाख रुपये कर दिया है. इसके अलावा, अब 1.5 रुपये तक का कारोबार करने वाली इकाइयां 1% की दर से GST भुगतान की कम्पोजिशन योजना का लाभ उठा सकेंगी. यह व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी होगी. पहले 1 करोड़ रुपये तक के कारोबार पर यह सुविधा प्राप्त थी.

आज जीएसटी की तीसरी वर्षगांठ, जानिए क्या हैं इसके उद्देश्य और लाभ

आज जीएसटी की तीसरी वर्षगांठ

देश के भीतर लागू गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को तीन साल पूरे हो गए हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को ऐतिहासिक कर सुधार की दिशा में कर की यह नई प्रणाली लागू की थी, जो कर के मोर्चे पर सुधार का एक गंभीर कदम था। अपनी स्थापना के दौरान, जीएसटी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हालाँकि, आमजन समय के साथ इसके लाभों को समझने लगे हैं।

यहां यह समझना महत्वपूर्ण है कि जीएसटी एक ऐसा कर हो सकता है जो खरीदारों को सरकार पर भुगतान नहीं करता है। वे इसे विक्रेताओं को भुगतान करते हैं और ये व्यापारियों को जीएसटी से लाभ व्यापारियों को जीएसटी से लाभ निर्माता और विक्रेता तब सरकार को इसका भुगतान करते हैं।

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जीएसटी से संबंधित 10 खास बातें

1. जीएसटी को 1950 के दशक में इनकम टैक्स व्यापारियों को जीएसटी से लाभ के विकल्प के रुप में लाया गया था. इसे 1954 में सबसे पहले फ्रांस में लागू किया व्यापारियों को जीएसटी से लाभ गया था. न्यूजीलैंड का जीएसटी दुनिया भर में सबसे बेहतरीन माना जाता है. वहां यह 1986 में लागू हुआ था. अब तक 140 से ज्यादा देश जीएसटी लागू कर चुके हैं.

2. जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर यानी इंडायरेक्ट टैक्स है. इसके तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है. अब से वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, इंटरटेनमेंट टैक्स जैसे 20 से ज्यादा अप्रत्यक्ष करों की जगह सिर्फ एक ही कर जीएसटी लगेगा.

3. जीएसटी के लिए चार स्लैब बनाए गए हैं. इसके अंतर्गत विभिन्न वस्तुओं पर 5%, 12%, 18% और 28% की दर से टैक्स लगेगा. इनमें कुछ वस्तुओं को टैक्स मुक्त भी रखा गया है. फिलहाल ये टैक्स इतने ही हैं लेकिन बिल में प्रावधान है कि जरूरत पड़ने पर इन्हें 40% तक बढ़ाया जा सकता है.

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