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खरीदें और पकड़ रणनीति

खरीदें और पकड़ रणनीति
Image Source : इंटरनेट मीडिया संजय गंगवार (फाइल फोटो)

यूपी के चीनी मिल में करोड़ों का घोटाला. राज्यमंत्री पर मुख्य प्रबंधक के बड़े आरोप से भूचाल, कॉलर पकड़ कर घसीटा?

UP Sugar Mill scam & Minister Sanjay Singh Gangwar:यूपी के चीनी मिल में करोड़ों रुपये के तथाकथित घोटाले को लेकर राज्यमंत्री और मिल के मुख्य प्रबंधक के बीच ठन गई है। दोनों के बीच की लड़ाई अब फ्रंट पर आ गई है। इससे यूपी की सियासत में भूचाल आ गया है।

Dharmendra Kumar Mishra

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Updated on: November 04, 2022 11:29 IST

संजय गंगवार (फाइल फोटो)- India TV Hindi News

Image Source : इंटरनेट मीडिया संजय गंगवार (फाइल फोटो)

UP Sugar Mill scam & Minister Sanjay Singh Gangwar:यूपी के चीनी मिल में करोड़ों रुपये के तथाकथित घोटाले को लेकर राज्यमंत्री और मिल के मुख्य प्रबंधक के बीच ठन गई है। दोनों के बीच की लड़ाई अब फ्रंट पर आ गई है। इससे यूपी की सियासत में भूचाल आ गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब उनके किसी अधिकारी और राज्यमंत्री के बीच सीधे करोड़ों के घोटाले को लेकर बड़ा आरोप-प्रत्यारोप मीडिया के सामने एक दूसरे पर लगाया गया है। इस मामले के सामने आने से लखनऊ के पंचम तल तक भूचाल आ गया है। अब इसे लेकर योगी आदित्यनाथ क्या कदम उठाएंगे, यह देखने वाली बात होगी। दूसरी तरफ विपक्ष अब इस मामले को लेकर यूपी सरकार को खरीदें और पकड़ रणनीति घेरने की रणनीति बना रहा है।

दरअसल मामला वरुण गांधी के संसदीय क्षेत्र पीलीभीत स्थित एलएच शुगर फैक्टरी लिमिटेड से जुड़ा है, जहां के मुख्य प्रबंधक के.बी. शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिलों के राज्यमंत्री व नगर विधायक संजय सिंह गंगवार पर बृहस्पतिवार को गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह क्रय केंद्रों के गन्ना ढुलाई, प्रेसमड व अन्य ठेके लेने के लिए दबाव बना रहे थे। चीनी मिल तके प्रबंधक की ओर से राज्यमंत्री पर लगाए गए इस आरोप ने निश्चित रूप से सीएम योगी के सामने भी मुश्किल पैदा कर दी है। वहीं राज्यमंत्री ने प्रबंधक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं। कौन सच बोल रहा है और कौन गलत यह फैसला तो जांच के बाद ही संभव है।

राज्यमंत्री ने किया ये पलटवार
चीनी मिल के मुख्य प्रबंधक के आरोपों पर गंगवार ने पत्रकारों से कहा की सभी को पता है कि मिल प्रबंधन ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है और जांच को प्रभावित खरीदें और पकड़ रणनीति करने के लिए उन्होंने यह नाटक शुरू कर दिया है। यानि मंत्री ने सीधे चीनी मिल में करोड़ों रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाया है। इससे यह मामला काफी गंभीर हो गया है। ऐसे में विपक्ष को भी बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा मिल गया है, क्योंकि यह आरोप सीधे योगी के मंत्री ने चीनी मिल के मुख्य प्रबंधक पर लगाया है। ऐसे में मामले की उच्च स्तरीय जांच के बाद बड़ी कार्रवाई होना भी तय माना जा रहा है।

मुख्य प्रबंधन ने कहा मंत्री ने कॉलर पकड़ कर घसीटा
राज्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधान प्रबंधक केबी शर्मा ने संवाददाताओं के सामने बातचीत के दौरान दावा किया कि राज्यमंत्री द्वारा मुझे जान से मारने की धमकी दी गई और वह मुझे अपने आवास से जनता कार्यालय तक कॉलर पकड़ कर घसीटते हुए लाये।’’ उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में चीनी मिल चलना मुश्किल होगा। इसके जवाब में गंगवार ने पत्रकारों से कहा की सभी को पता है कि मिल प्रबंधन ने करोड़ों रुपये का कीटनाशक घोटाला किया है, चीनी मिल की जगह खरीदने के नाम पर घोटाला किया है, जिसकी लोगों ने उनसे शिकायत की थी। मंत्री ने कहा कि उन्होंने पूरे प्रकरण से शासन को अवगत कराया, जिसके बाद जांच शुरू हुई व जांच को प्रभावित करने के लिए यह ‘नाटक’ हो रहा है। उन्होंने प्रधान प्रबंधक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज खरीदें और पकड़ रणनीति कराने की भी बात कही।

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स्नैपडील-फ्लिपकार्ट के बीच नो-डील, बाजार में पकड़ के लिए बनाई नई रणनीति

ई-वाणिज्य कंपनी स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट के साथ अधिग्रहण को लेकर बातचीत समाप्त कर दी है. कंपनी ने कहा है कि वह अपना कामकाज जारी रखेगी और स्वतंत्र तरीके से रास्ते पर आगे बढ़ेगी. ऐसी खबरें थी कि स्नैपडील अपना कारोबार फ्लिपकार्ट को 90 से 95 करोड़ डालर में बेचने के लिये बातचीत कर रही है.

अब नहीं होगा ये मर्जर, अकेले आगे बढ़ेगी स्नैपडील

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2017,
  • (अपडेटेड 31 जुलाई 2017, 4:37 PM IST)

ई-वाणिज्य कंपनी स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट के साथ अधिग्रहण को लेकर बातचीत समाप्त कर दी है. कंपनी ने कहा है कि वह अपना कामकाज जारी रखेगी और स्वतंत्र तरीके से रास्ते पर आगे बढ़ेगी. ऐसी खबरें थी कि स्नैपडील अपना कारोबार फ्लिपकार्ट को 90 से 95 करोड़ डालर में बेचने के लिये बातचीत कर रही है.

स्नैपडील के प्रवक्ता ने फ्लिपकार्ट का नाम लिये बिना ई-मेल के जरिये दिये बयान में कहा, स्नैपडील पिछले कई महीनों से रणनीतिक विकल्प खरीदें और पकड़ रणनीति तलाश रही थी. कंपनी ने अब स्वतंत्र रास्ता अपनाने का निर्णय किया है और इसके परिणामस्वरूप जारी सभी रणनीतिक वार्ता समाप्त कर रही है.

कंपनी ने कहा कि यह मजबूती के साथ नई दिशा स्नैपडील-2 है और हमने इस महीने सकल लाभ हासिल कर इसे क्रियान्वित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है. बयान के मुताबिक, इसके अलावा कुछ गैर-महत्वपूर्ण संपत्ति को बेचकर ऐसी उम्मीद है कि स्नैपडील वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर कंपनी बन जाएगी.

कुछ ही दिन पहले कंपनी ने डिजिटल भुगतान प्लेटफार्म खरीदें और पकड़ रणनीति फ्रीचार्ज एक्सिस बैंक को 385 करोड़ रुपये में बेचने पर सहमति जतायी. उसके बाद उक्त बात सामने आयी है. घरेलू ई-वाणिज्य खंड की प्रमुख कंपनी स्नैपडील को अमेजन और खरीदें और पकड़ रणनीति फ्लिपकार्ट जैसी दूसरी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा था.

इससे उसकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा. स्नैपडील में सबसे बड़ी निवेशक जापान की कंपनी साफ्टबैंक बिक्री को लेकर बातचीत में मध्यस्थता कर रही थी. साफ्टबैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, हम स्वतंत्र रास्ता अपनाने के निर्णय का सम्मान करते हैं. हमारा स्नैपडील-2 रणनीतिक के परिणाम को लेकर नजरिया सकारात्मक है.

UP Assembly Election: मौर्या के दल बदल करने के बाद अति ‌पिछड़ा वर्ग पर बनेगी सपा की पकड़, क्या रहेगी BJP की रणनीति?

अखिलेश यादव पहले से ही दलित वोटरों की गोलबन्दी कर रहे हैं.

UP Election and Dalit Vote Bank: 2014 के बाद समय बदला और ये लोग भाजपा से जुड़ने लगे. भाजपा ने इस वोटबैंक को अपने साथ करने के लिए कई नेताओं को तोड़ा, कई लोगों से समझौता किया. पार्टी के भीतर मौजूद ऐसे नेताओं को बड़े ओहदे दिए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated : January 11, 2022, 17:54 IST

लखनऊ. साल 2017 में विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए बेहद खास रहे थे. 312 सीटों के साथ जब भाजपा ने सरकार बनाई थी, तब ये कहा गया था कि अति पिछड़ों और दलितों का साथ सफलता का मुख्य कारण रहा. इस जीत में ध्रुवीकरण खास था. साथ ही भाजपा ने गैर यादव और गैर जाटव वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की थी. इस कारण प्रदेश में पार्टी अपना परचम लहराने में कामयाब हुई थी. गौरतलब है कि प्रदेश की राजनीति में मुलायम सिंह और मायावती इन्हीं अति पिछड़ों के कारण अपनी जड़ें जमाने में कामयाब रहे थे. 2014 के बाद समय बदला और ये लोग भाजपा से जुड़ने लगे. भाजपा ने इस वोटबैंक को अपने साथ करने के लिए कई नेताओं को तोड़ा, कई लोगों से समझौता किया. पार्टी के भीतर मौजूद ऐसे नेताओं को बड़े ओहदे दिए गए. इस्तीफा देकर चर्चा में आए केशव मौर्या को इसी गणित के तहत चुनाव से पहले पार्टी अध्यक्ष बनाया गया था.

अब खिलाफ क्यों?
ओमप्रकाश राजभर, स्वामी प्रसाद मौर्या इसी कड़ी में 2017 में भाजपा के साथ थे. अब वे उसके खिलाफ खड़े हैं. स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ जिन तीन विधायकों ने अभी तक इस्तीफा दिया है उनका जातीय गणित देखिए. बांदा के तिंदवारी से ब्रजेश प्रजापति कुम्हार, शाहजहांपुर के तिलहर से रौशनलाल लोधी और कानपुर के बिल्हौर से भगवती प्रसाद धोबी जाति से आते हैं. यानी दो अति पिछड़े और एक दलित. इन जातियों की संख्या किसी सीट पर बहुत बड़ी तो नहीं है लेकिन इतनी है कि ये खेल बना या बिगाड़ सकते हैं. यही कारण है कि यूपी की सभी पार्टियां इन्हें पलकों पर बिठाकर रखना चाहती हैं.

अखिलेश कर रहे हैं अपना काम
भगवती प्रसाद सागर, रौशनलाल वर्मा और ब्रजेश प्रजापति तीनों शुरुआती बसपाई रहे हैं. समय बीतने के साथ पार्टी बदल गई. 2017 से पहले भाजपा ने इन्हें अपने पाले में किया, जिससे गैर यादव और गैर जाटव खरीदें और पकड़ रणनीति वोटों को खींच सके. अब वहीं काम अखिलेश यादव कर रहे हैं.

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अखिलेश यादव पहले से ही दलित वोटरों की गोलबन्दी कर रहे हैं. वे समाजवादियों के साथ अम्बेडकरवादियों को भी खड़ा करना चाहते हैं. यादव तो उनके साथ हैं ही, अब बारी गैर यादव वोटरों को जोड़ने की है. ओमप्रकाश राजभर से गठबंधन इसी कड़ी का हिस्सा है. कभी मुलायम सिंह यादव के साथ बड़ी संख्या में अति पिछड़े जुड़े थे. गैर जाटव दलित वोटरों के लिए अखिलेश यादव ने दलित नेताओं को न सिर्फ अपने यहां जगह दी है बल्कि बहुत से नेताओं से गठबंधन भी किया है.खरीदें और पकड़ रणनीति

2022 में किस ओर…
यूपी में पिछड़ों की आबादी देश में सबसे ज्यादा है. राजनीतिक रूप से 2014 के पहले ये कभी सपा की ओर तो कभी बसपा की ओर जाते रहे हैं लेकिन, 2014 की मोदी लहर में पहली बार भाजपा ने इस समुदाय में सेंधमारी की. 2017 में भाजपा ने यूपी में सवर्णों के साथ दलितों और पिछड़ों का अद्भूत जातीय समीकरण खड़ा किया था. अब अखिलेश यादव कोशिशों में जुटे हैं. यानी 2017 में जो भाजपा ने किया था वही 2022 में अखिलेश यादव कर रहे हैं.

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Telangana: केसीआर के 4 विधायकों को खरीदने की कोशिश, करोड़ो का ऑफर, भाजपा ने बताया पॉलिटिकल ड्रामा

Telangana KCR: इस मामले में पुलिस ने बताया कि अजीज नगर स्थित फार्महाउस की तलाशी ली गई, जहां से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Telangana: केसीआर के 4 विधायकों को खरीदने की कोशिश, करोड़ो का ऑफर, भाजपा ने बताया पॉलिटिकल ड्रामा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर(फोटो सोर्स: ट्विटर)।

Telangana: तेलंगाना में केसीआर की पार्टी टीआरएस के विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बता दें कि तेलंगाना पुलिस ने दावा किया है कि तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी के चार विधायकों को भारी रकम के साथ खरीदने की कोशिश हुई है। इस मामले में तीन लोगों को एक फार्महाउस से हिरासत में लिया गया है।

बता दें कि विधायकों को खरीदने का सौदा 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक का हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में मुख्य व्यक्ति को 100 करोड़ और अन्य विधायकों को 50 करोड़ रुपये की पेशकश हुई थी। बता दें कि विधायकों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उन्हें पार्टी बदलने के लिए फुसलाया जा रहा है। इसके बदले उन्हें रिश्वत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब तक पता चला है कि हिरासत में लिए गए लोग फर्जी पहचान के आधार पर हैदराबाद आए थे।

वहीं पुलिस ने कहा कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्होंने अपनी पहचान हरियाणा के फरीदाबाद के पुजारी सतीश शर्मा उर्फ ​​राम चंद्र भारती, तिरुपति के एक साधु डी सिम्हायाजी और एक व्यापारी नंदकुमार के रूप में बताई है।

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दावा है कि तंदूर विधायक पायलट रोहित रेड्डी के ही फार्महाउस पर विधायकों की खरीद फरोख्त का सौदा हुआ था। वहीं इस मामले में उन्हें शिकायतकर्ता बताया गया है। वहीं इस खुलासे के बाद चार विधायकों को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास प्रगति भवन ले जाया गया।

दरअसल विधायकों के खरीदने का मामला इसलिए भी तूल पकड़ खरीदें और पकड़ रणनीति रहा है, क्योंकि 2019 के बाद से ही ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि तेलंगाना में भाजपा “ऑपरेशन लोटस” को अंजाम देने की जुगत में हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भाजपा दक्षिणी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति में लगी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फार्महाउस पर एक कार से 15 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए और आरोपी टीआरएस विधायक पायलट रोहित रेड्डी, बी हर्षवर्धन रेड्डी, जी बलराजू और रेगा कांथा राव के संपर्क में थे। हालांकि टीआरएस नेताओं ने दावा किया है कि चार विधायकों को भाजपा एजेंटों द्वारा 100 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इसपर भाजपा नेताओं ने खुद को इससे दूर कर लिया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने इस मामले में पर तंज कसते हुए सीएम केसीरआर से पिछले तीन दिनों में सीएम के आधिकारिक आवास पर होने वाली गतिविधियों की सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया और कहा कि इस मामले में संतों और पुजारियों को शामिल करना हिंदू धर्म को कलंकित करने का प्रयास है।

विधायकों को खरीदने की पेशकश का दावा आम आदमी पार्टी की तरफ से भी हो चुका है। बता दें कि हाल ही में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली और पंजाब में आप विधायकों को अपने पाले में करने कोशिशों में लगी थी।

श्योपुरः नशा और महंगे कपड़े खरीदने के लिए बाइक चोरी करने वाले दो चोर पकड़े, 16 बाइक जब्त

श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि शहर कोतवाली पुलिस को शनिवार को बड़ी सफलता मिल गई। पुलिस ने दो बाइक चोरों से 16 चोरी की बाइक जब्त की हैं। चोर इन बाइकों को शहर से चुराकर राजस्थान में जाकर बेचते थे और उस रुपयों से स्मैक का नशा करने के साथ ही महंगे कपड़े और मोबाइल खरीदते थे।

श्योपुरः नशा और महंगे कपड़े खरीदने के लिए बाइक चोरी करने वाले दो चोर पकड़े, 16 बाइक जब्त

श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर कोतवाली पुलिस को शनिवार को बड़ी सफलता मिल गई। पुलिस ने दो बाइक चोरों से 16 चोरी की बाइक जब्त की हैं। चोर इन बाइकों को शहर से चुराकर राजस्थान में जाकर बेचते थे और उस रुपयों से स्मैक का नशा करने के साथ ही महंगे कपड़े और मोबाइल खरीदते थे। जब्त बाइकों की कीमत पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये बताई है।

बता दें, कि शहर में कुछ समय से ताबड़तोड़ बाइक चोरी हो रही थी। एसपी संपत उपाध्याय ने बाइक चोरी की वारदात को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को चोरों को पकड़ने की रणनीति तैयार की। एसपी उपाध्याय ने एएसपी पीएल कुर्वे, एसडीओपी आरटी मालवीय और कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की।

शनिवार दोपहर सिटी कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी कुर्वे ने बताया कि उन्होंने कोतवाली प्रभारी राजेश शर्मा को ऐसे लोगों की बारे में पता करने के लिए कहा जो काम तो कुछ नहीं करते हैं। नशा करने और ब्राडेंड कपड़े पहनने के शौकीन हैं। एसओ शर्मा ने मुखबिरों को सक्रिय किया। पुलिस को पता चला कि मानपुर थाना क्षेत्र के चकबमूलिया निवासी 23 वर्षीय रिंकू बैरवा पुत्र राजाराम बैरवा आए दिन बाइक बदल रहा है और रोजाना शहर में आता है। पुलिस ने शनिवार सुबह रिंकू को पकड़ लिया। पूछताछ में रिंकू ने पहले गुमराह करने का प्रयास किया। जब पुलिस ने अपने तेवर दिखाए तो उसने बाइक चोरी करना कबूल किया। रिंकू ने बताया कि वह चोरी 34 वर्षीय सुरजीत सिंह पुत्र कुलवंतसिंह निवासी सलापुरा नहर के साथ करता है। इसके बाद पुलिस ने सुरजीत को घर पर ही पकड़ लिया।

चोरों से 16 बाइक जब्त की

कोतवाली प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रिंकू बैरवा से 10 बाइक जब्त की हैं। इसमें छह बाइक उसके घर पर रखी हुई थीं, जबकि चार बाइक घर के आसपास मवेशी बांधने के बाड़े में रखी थी, जबकि सुरजीत से छह बाइक मिली हैं। जब्त बाइकों की कीमत करीब आठ लाख रुपये है। दोनों युवक स्मैक आदि का नशा करते हैं। इसके अलावा ब्रांडेड कपड़े और महंगे मोबाइल रखने का शौक रखते हैं। पुलिस के मुताबिक चोर शहर से बाइक चुराकर राजस्थान में खपाते थे, जबकि राजस्थान से वाहन चुराकर श्योपुर जिले में बेचते थे। कार्रवाई के दौरान एसआइ दीपक पलिया, एसएसआइ पीएस डंडौतिया, पीएस यादव, हवलदार रामनरेश कंषाना, बृजेश भदौरिया, आलासिंह, अजय सैनी, शिवराज मीणा, विजेंद्र तोमर, अजरूद्दीन, गौरव शर्मा, यूनिस खान, राकेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

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