स्केलिंग रणनीतियां

DSO क्या है

DSO क्या है
CN Trading Company

Bai g mircha suk rhia ne ate isdi jad v gal rhi h dso ki ilaj aa

जानें कि फसल के इस फफूंद रोग से कैसे निजात पाया जा सकता है!

शिमला मिर्च एवं मिर्च

अपनी उपज बढ़ाने के लिए अपनी फसल के बारे में सब कुछ जानें!

Hi Vishal Vishal Kamboj ji, This is Foot and Collar Rot .For control and diagnosis click above green link.

क्या आपका भी कोई प्रश्न है?

आज ही सबसे बड़े कृषि ऑनलाइन समुदाय में शामिल हों और आवश्यक सहायता प्राप्त करें!

मंत्री रेखा आर्य ने खाद्य आपूर्ति विभाग के DSO का ट्रांसफर किया निरस्त, लेकिन फिर जारी कर दिया गया आदेश

Thumbnail image

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने उत्तराखंड सचिवालय से जारी खाद्य आपूर्ति विभाग में डीएसओ (District Supply Officer) के ट्रांसफर के आदेश को एक पत्र जारी करते हुए निरस्त कर दिया था. दरअसल, बुधवार (22 जून) सुबह उत्तराखंड सचिवालय से एक ट्रांसफर ऑर्डर जारी हुआ था, जिसमें मंत्री रेखा आर्य के खाद्य आपूर्ति विभाग में डीएसओ के तबादले किए गए थे.

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय से जारी खाद्य आपूर्ति विभाग में डीएसओ (District Supply Officer) के ट्रांसफर के आदेश को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने एक पत्र जारी करते हुए निरस्त कर दिया था, लेकिन मंत्री के पत्र का भी शायद कोई असर नहीं हुआ और शाम होते-होते देहरादून डीएसओ के ट्रांसफर का पत्र एक बार फिर जारी हो गया.

दरअसल, बुधवार (22 जून) सुबह उत्तराखंड सचिवालय से एक ट्रांसफर ऑर्डर जारी हुआ था, जिसमें मंत्री रेखा आर्य के खाद्य आपूर्ति विभाग में डीएसओ के तबादले किए गए थे. इसके अलावा तमाम जनपदों से डीएसओ को इधर से उधर किया गया था. इस ट्रांसफर लिस्ट में सचिव सचिन कुर्वे के हस्ताक्षर हैं.

लिस्ट जारी हुए अभी कुछ ही घंटे बीते थे कि मंत्री रेखा आर्य ने सभी तबादले DSO क्या है निरस्त कर दिए थे. मंत्री के बकायदा इसको लेकर एक पत्र भी जारी किया था जिसमें साफ तौर पर कहा गया था कि जो भी स्थानांतरण के आदेश जारी हुए हैं, उनके बारे में उनसे पूछा नहीं गया है.

हालांकि, मंत्री के पत्र के बाद भी देहरादून डीएसओ के ट्रांसफर का पत्र दोबारा जारी होने के बाद फिर से ये चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या शासन में बैठे अधिकारी संबंधित मंत्रियों की नहीं सुन रहे हैं या अधिकारी मंत्रियों को हल्के में ले रहे हैं.

गौर हो कि, इससे पहले भी उत्तराखंड सरकार में खाद्य आपूर्ति एवं बाल विकास मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल रहीं रेखा आर्य DSO क्या है का उनके विभाग के सचिव रहे आईएएस अधिकारी वी षणमुगम से विवाद हुआ था. इसके अलावा एक अन्य मामले में भी महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग की सचिव पद से सौजन्या को DSO क्या है हटाया गया था.

Directory

Vigilance Team – 9431806311, 0612-2506253,TOLLFREE: 1064 / 1800110180, Police Tollfree- 18603456999, Cyber Emergency[email protected]in.org.in, Phone: +91-11-24368572, Toll Free Phone:-+91-1800-11-4949, Toll Free Fax:-+91-1800-11-6969, CBI-Patna– 0612-2235577, 0612-2235588, 0612-2235599, NIA– +91-8585931100, +91-9654447345, 011-24368800, +91-11-24367962 (PRO) , 011-24368801 (FAX).Email : [email protected], 91-11-24367962.

Electricity/Power Emergency – 7763814493 ( E.E-Sheikhpura ), 7763814625,7763814494, JIGYASA (FOR GENERAL INFORMATION)-0612-2233333, Bihar Public Grievance Helpline No.- 0612-2201000 .

Medical Emergency DSO क्या है – Civil Surgeon – District Hospital-Sheikhpura, 9470003730, 06341-225031,223384,[email protected], [email protected]

District Control Room – 06341-223333, Power / Electricity – 7763814493 ( E.E-Sheikhpura ), 7763814625,7763814494

Contacts of District Officers updated as on 12-9-2022 ( for latest contact number and name of officers call on 06241-223001 )

uni-t dso digital with low price other machinery oscilloscope iv curve tracer adapter for xy mode oscilloscopes

CN Trading Company

रसद वितरण में लापरवाही, दो डीएसओ को निलंबित करने के आदेश

जयपुर . प्रदेश में कोविड-19 (Corona Virus) के कारण Lockdown अवधि के दौरान Black Marketing करने वाले थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा अधिकारियेां के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रसद वितरण में Negligence बरतने पर दौसा एवं बांसवाड़ा के DSO को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

rashan dukan

जयपुर . प्रदेश में कोविड-19 ( Kovid-19 ) कोरोना वायरस ( Corona virus ) के कारण लॉकडाउन ( Lockdown ) अवधि के दौरान कालाबाजारी ( Black Marketing ) करने वाले थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा अधिकारियेां के खिलाफ सख्त कार्रवाई की DSO क्या है जाएगी। रसद वितरण में लापरवाही ( Negligence ) बरतने पर दौसा एवं बांसवाड़ा के डीएसओ ( DSO ) को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
यह जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने दी। मीना शनिवार को सचिवालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेस के दौरान जिला रसद अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। मंत्री ने बताया कि दौसा एवं बांसवाडा जिले के डीएसओ की ओर से लॉकडाउन अवधि में पीडीएस के तहत रसद वितरण में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षण नहीं करने एवं लापरवाही करने पर अजमेर प्रथम व द्वितीय, भरतपुर एवं अलवर के जिला रसद अधिकारियों को नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
मीना ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान आवश्यक राशन सामग्री नियमित रूप से डोर-टू-डोर पहुंचाने के लिए शत-प्रतिशत प्रयास किए जाएं। लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रदेश में जरूरतमंद व्यक्तियों को चिन्हित कर ड्राई राशन सामग्री का वितरण करवाया जाना सुनिश्चित करें।

कर्फ्यू वाले इलाकों में हो नियमित आपूर्ति —:
खाद्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के जिन इलाकों में कर्फ्यू घोषित किया गया है वहां पर आवश्यक रसद सामग्री एवं अन्य जरूरत का सामान प्रतिदिन डोर-टू-डोर वितरण करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। इन इलाकों में जो राशन डीलर दुकान नहीं खोल रहे है, उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाए।

बिना DSO क्या है ओटीपी के उठाये गए गेहूं की होगी जांच —:
प्रदेश में जिन राशन डीलरों की ओर से 70 प्रतिशत से ज्यादा गेहूं का उठाव बिना ओटीपी के किया गया है, उनके विरूद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जिन राशन डीलरों ने दूसरे जिले के DSO क्या है राशन कार्ड से गेहूं अनियमित रूप से उठाया गया है, उसकी DSO क्या है जांच करवाकर राशन डीलर के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन्टर डिस्ट्रिक्ट पोर्टेबिलिटी होगी बन्द —:
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के DSO क्या है शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन अवधि के दौरान इन्टर डिस्ट्रिक्ट पोर्टेबिलिटी को बन्द किया जाएगा, जिससे राशन डीलरों की ओर से की गई अनियमितता पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जा सके। जिलों में प्रवर्तन अधिकारी एवं प्रवर्तन निरीक्षकों की ओर से प्रतिदिन मापदण्डानुसार निरीक्षण नहीं किया जाता है तो उनके विरूद्ध 17 सीसीए के तहत चार्जशीट की कार्रवाई की जाएगी।

फोन करके पूछो राशन मिला है या नहीं —:
शासन सचिव ने कहा कि एनएफएसए के लाभार्थियों को लॉकडाउन अवधि के दौरान उचित मूल्य दुकानदारों की ओर से गेहूं का वितरण किया है या नहीं, इसकी जानकारी के लिए जिला रसद अधिकारियों को फोन कर लाभार्थियों से पूछकर सुनिश्चित करना है कि राशन मिला है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राशन डीलरों की ओर से गबन किया गया है, उनके विरूद्ध एफआईआर हर हालत में दर्ज करवायें।

रेटिंग: 4.67
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 420
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *