प्रवृत्ति पर व्यापार

आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना

आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना
what is cryptocurrency in hindi

क्रिप्टोकरेंसी क्या हैं और उनके प्रकार – What is Cryptocurrency in Hindi

आखिर क्रिप्टोकरेंसी क्या हैं (what is cryptocurrency in hindi) ? आज हर कोई cryptocurrency की बातें कर रहा हैं. crypto currency ने बहुत ही कम समय में फाइनेंसियल मार्केट में अपना सत्ता मजबूत जाहिर कर दिया हैं | चूँकि cryptocurrency को digital money भी कहा जाता हैं क्योंकि ये केवल और केवल online ही मौजूद हैं और क्रिप्टोकरेंसी को हम physically लेन – देन नहीँ कर सकते | तो चलिए क्रिप्टोकरेंसी के वृत्तांत जानकारी को सिरे से समझते हैं |

cryptocurrency kya hai

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क्या हमारे, आप के दादा – परदादा जी कभी सोचे होंगे कि हमारे बाल बच्चों को भविष्य में सामान खरीदने के लिए पॉकेट में रुपया लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी. और अब से सामान को खरीदने के लिए यह जरूरी नहीं कि आपके जेब में कितने रुपए हैं क्योंकि अब तो बस स्कैन करना होता है. यदि हम और पुराने जमाने की बात करें तो जब रुपए का प्रचलन भी कम हुई करती थी . आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जीवन निर्वहन के लिए सामानों का परस्पर अदला बदली किया जाता था जिसे हम आमतौर पर वस्तु विनिमय प्रणाली के नाम से जानते हैं. उस समय एक समान के बदले लगभग उसी मूल्य के दूसरे सामान को आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना खरीद लिया जाता था. जैसे गेहूं देकर चावल लेना , धान अथवा चावल देकर चूड़ा खरीदना इत्यादि वस्तु विनिमय प्रणाली में शामिल थे. वस्तुओं के आदान-प्रदान में काफी समस्याओं का सामना किया गया होगा तभी रुपया का प्रचलन हुआ होगा. वैसे भी कहते हैं ना की आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है बिल्कुल वही हुआ होगा. आजकल तो रुपए की जगह बहुत हद तक डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड बगैरा ने ले रखी है. शुरुआती समय में इन सभी का कुछ ना कुछ लिमिटेशन हुआ करता था. जैसे नेट बैंकिंग अपने कार्यालय समय सीमा में ही सर्विस उपलब्ध किया करती थी किंतु जब से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कि लोकप्रियता बढी है तब से तो मानो इस क्षेत्र में क्रांति ही आ चुकी है . जैसे पेटीएम, गूगल पे, अमेजॉन पे इत्यादि पर ट्रांजैक्शन के विकल्प उपलब्ध हो गए हैं. जिससे अब बैंक जाने की जरूरत ही कम होने लगी है। इन सभी प्लेटफॉर्म की खास बात यह है की इसमें वॉलेट की सुविधा भी उपलब्ध है। यदि आपके वॉलेट में रुपये हो तो कभी भी किसी भी समय कहीं भी ऑनलाइन पेमेंट करके आप काम कर सकते हैं. आज हम एक खास विषय पर जानकारी साझा करने जा रहा हूं और वह है क्रिप्टो करेंसी. वैसे भी आजकल क्रिप्टो करेंसी कि काफी सुर्खियों में रहा है.
इस आर्टिकल में हम जाने आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना वाले हैं:-

क्रिप्टो करेंसी क्या है?
यह कितने प्रकार का होता है?
यह कैसे काम करती है?
इसे नियंत्रित कौन करता है?
यह सुरक्षित है अथवा नहीं?
विश्व में इसका प्रचलन और लोकप्रियता?
भारत का क्रिप्टो करेंसी को लेकर स्टैंड् क्या है?
भारत में इसके लिए कानूनी प्रावधान क्या है?

इस तरह हम इस आर्टिकल में बहुत कुछ जानने वाले हैं तो बने रहिए हमारे साथ दिमाग की बत्ती जला कर.

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Table of Contents


क्रिप्टोकरेंसी क्या है (Cryptocurrency in Hindi)?

जैसे अलग-अलग देशों की अपनी मुद्रा होती है जिससे उस देश की अर्थव्यवस्था चलती है और वह मुद्रा उस देश की सरकार द्वारा स्थापित किसी संस्था द्वारा जारी की जाती है.
उदाहरण के लिए कि भारत की मुद्रा रुपया है जो भारत सरकार द्वारा गठित भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाती है.
उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल मुद्रा है जिसे कोई भी सरकार जारी नहीं करती है अपितु यह कंप्यूटर एल्गोरिथम पर काम करती है.

types of cryptocurrency

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क्रिप्टोकरेंसी कितने प्रकार का होता है? (Types of Cryptocurrency)

वैसे तो क्रिप्टोकरेंसी कई प्रकार के होते हैं पर मैं कुछ मुख्य प्रकार के क्रिप्टो की बात करने जा रहा हूं.
Bitcoin, एथेरियम, tether, BNB, USD coin, solana, XRP, cardano, terra, dog coin, लाइट coin, Dia, Waves इत्यादि.
गौरतलब है कि इन सब में बिटकॉइन काफी प्रचलित है. इसकी लोकप्रियता कुछ इस कदर है कि क्रिप्टो का सीधा सा मतलब लोग बिटकॉइन से समझते हैं.

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है? (cryptocurrency kaise kaam karta hai)

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि क्रिप्टोकरेंसी किसी भी सरकार द्वारा जारी नहीं किया जाता। अर्थात क्रिप्टो करेंसी पर किसी देश, राज्य अथवा संस्था का नियंत्रण नहीं होता है . तो हम कह सकते हैं कि क्रिप्टो करेंसी एक स्वतंत्र मुद्रा है और इसके लिए क्रिप्टो ग्राफि का प्रयोग किया जाता है. वैसे जानकारी के लिए बता दूं कि क्रिप्टो करेंसी दरअसल वित्तीय लेनदेन का एक जरिया है और इससे कोई भी वस्तु खरीदी जा सकती है. इससे स्पष्ट होता है कि क्रिप्टो का काम ठीक वही है जो भारत में भारतीय रुपया, बांग्लादेश में टाका अथवा अमेरिकी डॉलर के समान ही है.किंतु फिर प्रश्न यह उठता हैं की :-


क्रिप्टोकरेंसी और बाकी देशों की मुद्राओं में क्या अंतर है?

व्यवहारिक तौर पर क्रिप्टो और रुपया मैं कोई भी अंतर नहीं है अर्थात रुपयों से कोई भी सामान खरीदी अथवा बेची जा सकती है उसी प्रकार क्रिप्टो से भी सामान खरीदी अथवा आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना बेची जा सकती है.

बिटकॉइन क्या है – WHAT IS BITCOIN

बिटकॉइन क्या है WHAT IS BITCOIN

मात्र आठ से दस साल में पैसा कई लाख गुना बढ़ गया है

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क्रिप्टो करेंसी – crypto currency बिटकॉइन के बारे में जानने से पहले आपको क्रिप्टो करेंसी के बारे में जानना पड़ेगा. क्रिप्टो करेंसी के पहले आपको मुद्रा के बारे में जानना पड़ेगा. पहले के जमाने में सामान, वस्तुओं का लेनदेन वस्तुओं या जानवरों के द्वारा होता था. समय बदला धीरे-धीरे व्यापार बढ़ने लगा तो देशों के बीच में होने लगा, विश्व स्तर पर पहुंचने लगा तो हर देश की अपनी अपनी मुद्राएं होने लगी. मुद्रा पहले सिक्के में हुआ करती थी फिर उनके देश के करेंसी अलग बनने लगी फिर इसे विश्व में मान्यताएं मिलने लगी. इस प्रकार हर देश के अलग-अलग करंसी बनी जैसे भारत की करेंसी रुपया है. अधिकतर जगह डॉलर चलता है. यूरोप में यूरो चलता है.

वर्तमान समय में डिजिटल युग है इसमें एक नई प्रकार की करेंसी का जन्म हुआ जिसे क्रिप्टो करेंसी कहते हैं उसमें आज सबसे महंगी करेंसी क्रिप्टोकरंसी जो है वह बिटकॉइन. ….

BITCOIN क्या है ?

बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा (currency) है. आभासी मुद्रा यानी जिस currency को हम छू नहीं सकते और ना ही देख सकते हैं. मुद्रा जैसे पैसा, रुपया, डॉलर को हम छू सकते हैं लेकिन आभासी मुद्रा इसी के विपरीत होती है Cryptocurrency जिसे हम छू नहीं सकते हैं और ना ही देख सकते हैं।

Bitcoin सबसे पहली Cryptocurrency थी जिसकी शुरुआत 3 जनवरी 2009 को हुई थी. कहा जाता है इसके संस्थापक सोतशी नाकामोतो (Satoshi Nakamoto) हैं। इसके अलावा और भी अन्य सारी Cryptocurrency है – रेड कॉइन, सिया कॉइन, एसवाईएस कॉइन (सिस्कोइन), वॉइस कॉइन आदि।

बिटकॉइन ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के जरिए होती है. … दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती बढ़ती रहती है. पूरी तरीके से डिजिटली कंट्रोल (Digitally controlled currency) होने वाली करंसी है. बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है.

बिटकॉइन एक स्वचालित सॉफ्टवेयर है जिसे विशेष रूप से बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार के लिए डिज़ाइन किया गया है। सॉफ्टवेयर कोडित एल्गोरिदम के आधार पर उच्च गुणवत्ता वाले ट्रेडिंग सिग्नल उत्पन्न करता है और वास्तविक समय में उन्हें बाजार में निष्पादित करता है. देखे वेबसाइट

बिटकोइन को कैसे खरीदे?

बिटकॉइन खरीदने के नियम है.इसे एक उचित माध्यम से ही ख़रीदा और बेचा जा सकता है.

  • इसके लिए सामान्य बैंकिंग नियम के अनुसार परिचय पत्र ID प्रूफ होना अनिवार्य है.
  • आपका किसी भी पारंपरिक बैंक में खाता होना अनिवार्य है.
  • आपके पास पेन कार्ड होना अनिवार्य है.
  • बिट कोइन को आप ऑनलाइन खरीद बेच सकते है.

बिटकॉइन वास्तव में एक माइनिंग की प्रक्रिया को कहते है जैसे खदानों से सोना, चांदी, खनिज, कोयला निकला जाता है वैसे ही बिटकॉइन को उच्च गड़ना वाले कंप्यूटर से संचालित किया जाता है.

बिटकॉइन की लोकप्रियता

सन 2011 में बिटकॉइन की लोकप्रियता बढ़ने लगी थी। लोग धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल करने लगे थे. चूँकि इस मुद्रा से लोगों का पैसा दिन दुगना रात चोगुना बढ़ रहा था. सरकार या किसी बैंक की इस में दखलअंदाजी नहीं होती. दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनी भी बाजार में आ रही थी औ बिटकोइन का मूल्य बढ़ रहा था.

सर्वोच्च न्यायालय का फैसला

लेकिन मार्च 2020 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा की इस पर कानून बनना चाहिय. अभी आरबीआई ने फिर एक बार कहा था कि वे भारत की ख़ुद की क्रिप्टो करेंसी को लाने और उसके चलन को लेकर विकल्प तलाश रही है. सरकार के भविष्य के फ़ैसले को लेकर एक नज़रिया यह भी बेहद निर्णायक होगा कि भारत में इस मुद्रा का कैसे इस्तेमाल होगा. सरकार ने साफ़ किया है कि वे क्रिप्टो करेंसी को रखने वालों को इसे बेचने के लिए वक़्त देगी. इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है कि कितने भारतीयों के पास क्रिप्टो करेंसी है या कितने लोग इसमें व्यापार करते हैं लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि करोड़ों लोग डिजिटल करेंसी में निवेश कर रहे हैं और महामारी के दौरान इसमें बढ़ोतरी हुई है.

कैसे होती है बिटकॉइन में ट्रेडिंग? (How to trade in bitcoin?)

बिटकॉइन ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के जरिए होती है. बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान रहती है. इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई. दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती बढ़ती रहती है. इसे कोई देश निर्धारित नहीं करता बल्कि डिजिटली कंट्रोल (Digitally controlled currency) होने वाली करंसी है. बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बहुत तेजी से होता है.

बिटकॉइन यह क्रिप्टो करेंसी की पहली विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है यह किसी केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित नहीं होती बल्कि कंप्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित भुगतान है. कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल करके ट्रांजैक्शन को किया जाता है. नेट पर पूरी तरह से सुरक्षित होता है यह एक बिट कंप्यूटर सेंटर की तरह होता है जो जिसका कोई केंद्रीय मुख्यालय नहीं होता है. पूरे विश्व में अलग-अलग जगह संचालित होता है यह वही लोग कर पाते हैं जो उच्च स्तरीय कंप्यूटर के मास्टर होते हैं और विशेष गणना वाले जिनके पास कंप्यूटर होते हैं. सुपर कंप्यूटर टाइप के बिटकॉइन के लेनदेन के लिए बिटकॉइन एड्रेस का प्रयोग करके कोई भी ब्लॉकचेन में अपना खाता बनाकर इसके जरिए बिटकॉइन का लेनदेन कर सकता है.

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे और बेचे.

Wazirx, Unocoin, binance जैसी सेवा प्रदाता कंपनियों से आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर आप आसानी से बिटकॉइन खरीद और बेच सकते हो. इसके लिए आपको इन कंपनी में अपना अकाउंट बनाना होगा जो डिजिटली वेरीफाई होगा, फिर आपके बैंक से लिंक होगा फिर आप इस वॉलेट की मदद से आप बिटकॉइन खरीद और बेच सकते हैं. https://bitcoin.org/en/

क्या जोखिम होता है

बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है और उसमे जोखिम होने की संभावना होती है. मुद्रा तो पूर्ण रूप से सुरक्षित है क्योंकि आभासी मुद्रा और सामान का उपयोग करना उच्च स्तरीय कंप्यूटर में सुरक्षित रहती है किन्तु आपका खाता आपके कंप्यूटर में हैक हो जाता है तो आप खुद जिम्मेदार होगे. अगर बीच के सेवा प्रदाता कंपनी भाग जाती है तो आपका पैसा डूब सकता है.

बिटकॉइन का मूल्य

2009 में एक बिटकॉइन कीमत 20-25 पैसे थी आज बढ़कर लगभग ३५ से ३६ लाख है. कई लाख गुना कीतम मात्र 10-12 साल में बढ़ गई. बैंक 8 से 10 साल में पैसे दुगना करते हैं. जोखिम है तो लाभ भी बहुत ज्यादा है. अत सोच समझ कर ही इसमें पैसे लगाने चाहिए.

पीआईटी में क्रिप्टोकरेंसी के निपटान के नियम - आपको उनके बारे में क्या जानने की जरूरत है?

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वर्तमान में, बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी को कर कार्यालय द्वारा आभासी मुद्राओं के रूप में माना जाता है। व्यक्तिगत आयकर अधिनियम के अनुसार, उनकी बिक्री से उत्पन्न राजस्व का हिसाब होना चाहिए। इसके लिए PIT-38 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। इसे कैसे भरें और क्रिप्टोकरेंसी के निपटान के लिए क्या नियम हैं? हम सलाह देते हैं।

आपको क्रिप्टोकरेंसी का हिसाब कब देना चाहिए?

प्रत्येक व्यक्ति जो क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके सामान और सेवाओं को खरीदता है, बेचता है, एक्सचेंज करता है या खरीदता है, इन लेनदेन को निपटाने के लिए आवश्यक है। ऐसी स्थिति में जहां किसी दिए गए कर वर्ष में केवल क्रिप्टोकुरेंसी खरीदी गई थी, आपको पीआईटी भरने और टैक्स रिटर्न में होने वाली लागतों को दिखाने की भी आवश्यकता है। क्रिप्टोकरेंसी का सेटलमेंट PIT-38 फॉर्म पर किया जाता है। ऐसी घोषणा अगले वर्ष के अप्रैल के अंत तक प्रस्तुत की जानी चाहिए।

2021 में खरीदी या बेची गई क्रिप्टोकरेंसी के मामले में, इस तरह के फॉर्म को पूरा किया जाना चाहिए और 2 मई, 2022 तक कर कार्यालय में जमा किया जाना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर कर की राशि 19% है। आय को यहां आय और व्यय के बीच के अंतर के रूप में समझा जाता है।

PIT-38 को पूरक कैसे करें?

पीआईटी सेटलमेंट यह बहुत ही सरल है। इस उद्देश्य के लिए, यह Podatnik.info वेबसाइट पर उपलब्ध मुफ्त सॉफ्टवेयर का उपयोग करने लायक है, जो कदम दर कदम, कुछ ही मिनटों में, हमें कर घोषणा को पूरा करने की पूरी प्रक्रिया के माध्यम से मार्गदर्शन करेगा, और फिर हमें भेजने की अनुमति देगा। यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से चयनित कर कार्यालय को।

PIT-38 भरने के लिए, आपको अपना डेटा, निवास का पता, PESEL नंबर प्रदान करना होगा, और उपयुक्त कर कार्यालय का भी चयन करना होगा। फ़ील्ड 34 में, भुगतान के बदले क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री से पिछले कर वर्ष में प्राप्त आय दर्ज करें। और फील्ड 35 में पिछले कर वर्ष में खर्च की गई योग्य लागतें दर्ज करें। यदि हम अतिरिक्त लागत दिखाते हैं, तो यह मान फ़ील्ड 36 में दर्ज किया जाता है। आय की गणना फ़ील्ड 34 में इंगित मूल्य और फ़ील्ड 35 और 36 से राशियों के योग के बीच अंतर के रूप में की जाती है। यदि यह मान सकारात्मक है, तो यह आय का गठन करेगा , और यदि नकारात्मक है, तो यह एक अतिरिक्त लागत का गठन करेगा।

PIT में क्रिप्टोकरेंसी के निपटान के नियम क्या हैं?

हालांकि पीआईटी फॉर्म का उपयोग करके क्रिप्टोकरेंसी का निपटान एक सरल गतिविधि है, लेकिन याद रखने के कई पहलू हैं। सबसे पहले, क्रिप्टोक्यूरेंसी ट्रेडिंग के परिणामस्वरूप होने वाले राजस्व और लागत दोनों को केवल अन्य क्रिप्टोकरेंसी से प्राप्त राजस्व / लागत के साथ ही घोषणा में सम्‍मिलित किया जा सकता है। उन्हें आय और लागत के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए, उदाहरण के लिए शेयरों की बिक्री से। आय के लिए भी यही सच है। व्यावसायिक गतिविधियों के हिस्से के रूप में इन आभासी मुद्राओं को घटाना भी संभव नहीं है।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों बार-बार दे रहे है चेतावनी, अब आगे क्या होगा?

Cryptocurrency Latest News; आपको बता दें कि पिछले हफ्ते पीएम मोदी की अध्यक्षता में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें क्रिप्टो बाजार के नियमन, इसके खतरों और दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हुए फैसलों और चलन पर चर्चा की गई थी.

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों बार-बार दे रहे है चेतावनी, अब आगे क्या होगा?

TV9 Bharatvarsh | Edited By: अंकित त्यागी

Updated on: Nov 18, 2021 | 11:52 AM

Cryptocurrency Latest News-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) ने गुरुवार को ‘सिडनी डायलॉग’ ( Sydney Dialogue) में क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने क्रिप्टो करेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसका दुरुपयोग न हो. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते पीएम मोदी की अध्यक्षता में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें क्रिप्टो बाजार के नियमन, इसके खतरों और दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हुए फैसलों और चलन पर चर्चा की गई थी.

क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है. लेकिन इसके आप 100-500 और 2000 रुपये के नोट की तरह अपनी जेब में नहीं रख सकते. हालांकि, इसके जरिए आप कोई भी सामान खरीद सकते हो. अगर आसान शब्दों में कहें तो इस आप छू नहीं सकते लेकिन रख सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी जता चुके हैं चिंता

बीते कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिप्टोकरेंसी के फ्यूचर को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि अनियंत्रित क्रिप्टो बाजार का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग का प्रमुख जरिया बन सकता है.

छोटे निवेशकों को लोक-लुभावने वादों से फंसाया जा रहा और उनके पैसे ऐसे निवेश में फंस रहे, जहां से रिटर्न पर बहुत जोखिम होगा.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने दो टूक कहा कि इससे अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर जोखिम बढ़ेगा.

Take crypto-currency or bitcoin for example.

It is important that all democratic nations work together on this and ensure it does not end up in wrong hands, which can spoil our youth: PM @narendramodi

— PMO India (@PMOIndia) November 18, 2021

अब तक क्या हुआ

पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अहम बैठक हुई थी, जिसमें क्रिप्टो बाजार के नियम, खतरों और दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हुए फैसलों पर चर्चा की गई थी.

बैठक के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सरकार इस पर कड़ी निगरानी रख रही है. वहीं, SEBI और RBI भी कई मामलों को सहमत नहीं है. इसीलिए नया रेग्युलेटर लाने की खबरें आ रही है.

इसके अलावावित्त मामलों संसद की स्थायी समिति (Standing Committee on Finance) ने भी क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन. क्रिप्टो एसेट काउंसिल, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ क्रिप्टोकरेंसी फ्रेमवर्क पर चर्चा की. केंद्र सरकार ने माना कि वर्चुअल करेंसी पर रोक नहीं लगाई जा सकती, लेकिन इसका नियमन यानी रेगुलेशन जरूरी है.

क्रिप्टोकरेंसी अब आगे क्या?

रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन ने हाल में कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी में बहुत जोखिम है. क्रिप्टोकरेंसी लागू करने की राह में वैल्यूएशन सबसे बड़ी चुनौती है. अगर सरकार इसे मंजूरी देने पर आगे बढ़ती है, तो बैंकरों को सावधान रहना होगा और उन्हें अपनी स्थिति पहले से स्पष्ट बनानी होगी.

एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में डिप्टी गवर्नर ने कहा, इसे संपत्ति के रूप में परिभाषित करते समय भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है. हमें नहीं पता कि क्रिप्टोकरेंसी का मूल्यांकन किस तरह से किया जाएगा.

लेकिन उतार-चढ़ाव के बड़े जोखिम को देखते हुए क्रिप्टोकरेंसी को किसी व्यक्ति की संपत्ति मानना मुश्किल काम होगा. बैंकर किसी कर्जधारक को इस संपत्ति के आधार पर न तो लोन देंगे और न ही इसे गिरवी संपत्ति के रूप में वर्गीकृत कर सकेंगे.

बाजार में आ रही नई-नई क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जोखिम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एआरसी गवर्नेंस टोकन नाम की आभासी मुद्रा एक घंटे के भीतर 28 लाख फीसदी चढ़ गई. उसकी कीमत 0.34 डॉलर से बढ़कर 9,991.70 डॉलर पहुंच गई. हालांकि, एक घंटे के भीतर क्रिप्टो ने 90 फीसदी बढ़त गंवा दी और कीमत 906 डॉलर प्रति क्वाइन पर आ गई. ये भी पढ़ें-India’s Biggest IPO: देश के सबसे बड़े आईपीओ Paytm की शेयर बाजार में हुई लिस्टिंग, इश्यू प्राइस 2150 रु के मुकाबले 1955 रु पर लिस्ट

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