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ईश्वर के दलाल

ईश्वर के दलाल

अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते दलाल सहित तीन गिरफ्तार

गिरफ्तार

जयपुर। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने रविवार को भरतपुर के भुसावर में स्थित शकुन्तला हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में डिकाय कार्रवाई कर भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त दलाल कुलदीप गुर्जर, अजीत सिंह एवं ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया। साथ ही काम में ली गई सोनोग्राफी मशीन को जब्त कर लिया।

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अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी सुधीर शर्मा के निर्देशन में राज्य स्तरीय टीम के द्वारा यह कार्रवाई की गई है। शर्मा ने ईश्वर के दलाल बताया कि मुखबिर के माध्यम से सूचना मिल रही थी कि दौसा, भरतपुर क्षेत्र में कुलदीप सिंह नामक एक दलाल भ्रूण लिंग परीक्षण के कार्य में लिप्त है। टीम ने मुखबिर की सूचना की पुष्टि के बाद डिकाय कार्ययोजना तैयार की। कार्ययोजना के अनुसार टीम ने दलाल कुलदीप से संपर्क किया। इस पर कुलदीप ने 55 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण करने पर सहमति जता और डिकाय गर्भवती महिला को हिंडौन सिटी में बुलाया।

उन्होंने बताया कि हिंडौन सिटी में कुलदीप ने एक अन्य दलाल अजीत को 22 हजार रुपये की राशि देकर डिकाय गर्भवती महिला को साथ में भिजवा दिया। वहां से अजीत पहाडी रास्तों से भरतपुर के भुसावर में शकुन्तला हास्पिटल लाया और वहां बिना फार्म एफ भरे गर्भवती महिला की ईश्वर सिंह ने सोनोग्राफी की। साथ ही दवाइयां भी लिखी। ईश्वर सिंह एक फिजियोथैरेपिस्ट है और उसके पास सोनोग्राफी कार्य की अनुमति एवं योग्यता नहीं थी। इस पर डिकाय टीम ने कार्रवाई करते हुए दलाल कुलदीप गुर्जर, अजीत सिंह एवं ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि उक्त सेंटर पर डॉ. इंद्रजीत सलूजा को सोनोग्राफी की अनुमति प्रदान थी लेकिन मौके पर फिजियोथैरेपिस्ट ईश्वर सिंह सोनोग्राफी कर रहा था।

तहसील में सक्रिय हैं दलाल, हटानें की मांग

बुढ़ार
आम जनमानस के लिये राजस्व प्रकरणों में सुव्यवस्थित व्यवस्था और इनमें पारदर्शिता को लानें के लिये सरकार नें तमाम इंतजाम किये हैं। ऐसे तमाम राजस्व कार्य हैं जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है। दस्तावेजों की मांग और राजस्व के कई कार्यों के लिये आम जन अब महज एक क्लिक पर करा पानें में सक्षम हैं। सरकार की इस नीति से न सिर्फ आमजन को तमाम मुश्किलें कम हुई हैं बल्कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता भी आई हैं। लेकिन इन कार्यों को गति देनें की जिन्हें जिम्मेदारी दी गई हैं वह इसे कमाई का जरिया बनाये बैठे हैं। हालात कुछ ऐसे हैं कि राजस्व अभिलेखों की ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर विभिन्न तरह के छेड़छाड़ की शिकायत होनें की शिकायतों के साथ इसके द्वारा कमाई करनें की बाते सामनें आ रही है।
मामला जिले के बुढ़ार तहसील कार्यालय का है जहां कंप्यूटर में तमाम कार्य के लिये तैनात कर्मचारी न सिर्फ मनमानी पर उतारु हैं बल्कि तहसील में कार्यों के लिये आनें वालों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं ई गर्वनेंस सोसाइटी के द्वारा सहायक मैनेजर के पद पर पदस्थ यज्ञ मानिकपुरी जिसका कार्य शासकीय योजनाओं व कार्यों का सुचारु संचालन मानीटरिंग करने के साथ ही दिये गये दायित्वों का निर्वहन करना है, लेकिन इनके द्वारा इन कार्यों ईश्वर के दलाल पर गौर न करते हुये मनमानी की जाती है।

ईश्वर और अनीष का खेल
बुढ़ार तहसील कार्यालय में लंबें मनमर्जी के चल रहे खेल की शिकायत करते हुये अधिवक्ता डीके जैन नें शिकायत करते हुये कहा कि बुढ़ार तहसील कार्यालय इन दिनों दलालों और प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों के चंगुल में हैं। उन्होनें बताया कि शासकीय संस्थाओं के नेटवर्किंग के कार्य में लगे कर्मचारी बाबू के साथ कुछ इस तरह से मिले हुये हैं कि तहसील का पूरा काम इनके इशारों पर होता है। राजस्व से संबंधित ऐसे तमाम कार्य होते हैं जिनकी फीडिग कंम्पूटर में होना आवश्यक हैं इसके लिये आमजन को परेशान होना पड़ता है। लेकिन इन कार्यों के लिये पैसे की मांग की जाती है। आरोप हैं कि स्वान कंपनी के इंजीनियर विकास गुप्ता जिनका कार्य शासकीय संस्थाओं के नेटवर्किंग के कार्य से संबंधित सुधार कार्य दौरा कराना है इनके द्वारा बाबू की शह पर न्यायलीन कार्य में जबरिया दखनदाजी की जाती है और काम को मनमानें तरीके से किया जाता है। इतना ही नहीं तहसील कार्यलय में सेवा दे रहे आशीष पंचोरे व ईश्वर कोल नामक तहसील कार्यालय में वर्षों से अंगद की पैर तरह जमें बाबू के ईशारे पर ही पूरा काम करते हैं।

बिचौलियों की भरमार
आमजन के कार्यों में सुविधा लानें को लेकर सरकार भले ही पूरी तरह संजीदा हो लेकिन बिचौलियों और तैनात कर्मचारियों की एकजुटता सरकार की इस मंशा पर पानी फेरती नजर आ रही है। आलम यह है कि हर काम का तय दाम की तर्ज पर बुढ़ार तहसील कार्यालय में मामला सेट हैं जहां बिचौलिये अहम भूमिका का निर्वहन करते हैं और काम की जिम्मेदारी तय कर कमीशन के फेर में पूरा खेलते हैं जिससे यहां आनें वाले आमजन को कई बार न सिर्फ अपनें काम के लिये परेशान होना पड़ता है बल्कि मोटी रकम भी अदा करनी पडती है।

शाम ढ़लते ही लगती है जमघट
गौर करनें वाली बात यह भी है कि नियत समय तक कार्यालय के खुलनें के बाद बुढार तहसील कार्यालय में कई बार तमाम भूकारोबारियों और दलालों की जमघट देखी जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे कई भू कारोबारी हैं जिनके कार्य कार्यालीन समय के बाद ही होते हैं और बकायदे सेवा शुल्क और सेटिंग के बाद‌ उनके कार्य किये जाते हैं।

कलेक्टर से हुई शिकायत
पूरे मामले की शिकायत अधिवक्ता डीके जैन द्वारा कलेक्टर से करते हुये व्यवस्था में सुधार लानें और लंबे अर्से से जमें बाबू को अन्यत्र पदस्थापना किये जानें की मांग की है।

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा। राज्‍य में अब तक भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच मुकाबला होता था, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के चुनाव मैदान में होने के कारण मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। भरुच जिले की तहसील का मुख्य केंद्र अंकलेश्वर मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। अंकलेश्वर सीट भाजपा की सुरक्षित सीट मानी जाती है, मगर कांग्रेस ने अपने एक दांव से इस सीट को दिलचस्प बना दिया है। भाजपा ने यहां से मौजूदा विधायक ईश्वर सिंह पटेल को टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने ईश्वर सिंह पटेल के सगे भाई विजय सिंह पटेल को टिकट दिया है। लगभग ढाई लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर ईश्वर सिंह पटेल चार बार चुनाव जीत चुके हैं। भाजपा पिछले 7 बार से चुनाव जीत रही है। वर्ष 2017 के चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने अनिल कुमार छीतू भाई भगत को टिकट दिया था। भाजपा के उम्‍मीदवार को 99 हजार पचास और कांग्रेस के उम्‍मीदवार को 52 हजार एक ईश्वर के दलाल सौ 38 वोट मिले थे।

पटवारी और दलाल पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते चढ़े एसीबी के हत्थे।

जोधपुर एसीबी की टीम ने सोमवार को जोधपुर जिले मे पटवारी और एक दलाल को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया ईश्वर के दलाल है। इस मामले में पटवारी पहले दो हजार रुपए की घूस ले चूका था। पटवारी ने पुश्तैनी जमीन के नाम सुधार करने की एवज में रिश्वत यह रिश्वत ली। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि 25 फरवरी को शिकायत का सत्यापन कराया। इस दौरान पटवारी ने पांच हजार रुपए देने की मांग की। सोमवार सुबह एसीबी ने ट्रैप आयोजित कर परिवादी को पांच हजार रुपए की रिश्वत के साथ भेजा। पटवारी ने उसे अपने सहयोगी दलाल कुंदन राम के घर बुलाया। वहां पांच हजार रुपए प्राप्त कर पटवारी ने अपने सहयोगी दलाल को सौंप दिए। उसी समय एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। सहयोगी दलाल के घर से रंग लगे पांच हजार रुपए बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।एसीबी जोधपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बाप तहसील क्षेत्र के राणेरी गांव निवासी परिवादी सिद्धराज सिंह विश्नोई ने शिकायत दर्ज कर बताया कि गांव में स्थित उसकी पुश्तैनी जमीन के कागजात में नाम शुद्धिकरण के लिए उसने पटवारी डाल सिंह मेघवाल से संपर्क किया। पटवारी ने अपने एक सहायक दलाल के माध्यम से इस कार्य के लिए रिश्वत की मांग की। सहायक के माध्यम से दो हजार रुपए पहले से प्राप्त कर लिए।

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