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बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार

बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार

बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार

किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर चल रही मोदी सरकार ने कृषि उत्पाद बाजार को लेकर पिछले सप्ताह तीन अहम सुधारों की घोषणा की और माना जाता है कि इन सुधारों से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल पाएगा। कोरोना काल में इस नीतिगत फैसले की अहमियत और किसानों को इससे होने वाले फायदे को लेकर आईएएनएस ने किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर गठित विशेषज्ञों की समिति के अध्यक्ष अशोक दलवई से खास बातचीत की, जिनका कहना है कि किसानों को वैकल्पिक बाजार मुहैया करवाने से उनको कृषि उपज का बेहतर दाम मिलेगा।

कृषि विपणन संबंधी सुधार को लेकर पूछे गए सवाल पर नेशनल रेनफेड एरिया अथॉरिटी के सीईओ अशोक दलवई ने कहा कि आज तक एपीएमसी (कृषि उत्पाद बाजार समिति) का एकाधिकार रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि एपीएमसी को खत्म नहीं किया जा रहा है बल्कि उसमें सुधार किया जा रहा है। आज तक एपीएमसी राज्य सरकारों के अधीन संचालित होता रहा है, लेकिन नए मॉडल एक्ट को अमल में लाने पर राज्य सरकारों की एपीएमसी के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भी एपीएमसी स्थापित होगी जिससे किसानों को बाजार का विकल्प मिलेगा।

निजी बाजार स्थापित होने से किसानों को ज्यादा विकल्प मिल जाएंगे

मॉडल एपीएलएम-2017 के तहत किसी राज्य या संघशासित प्रदेश के भीतर एपीएमसी की अधिसूचित विपणन क्षेत्र की संकल्पना की जगह कृषि उत्पादन एवं पशुधन विपणन समिति (एपीएलएमसी) का प्रावधान है। दलवई बताते हैं कि जिस प्रकार टेलीकॉम के क्षेत्र में एक से अधिक सेवाप्रदाताओं के आ जाने से उपभोक्ताओं को फायदा हुआ उसी प्रकार कृषि उपज विपणन के क्षेत्र में निजी बाजार स्थापित होने से किसानों को बाजार के बहुत सारे विकल्प मिल जाएंगे, तो उनको जहां अच्छा दाम मिलेगा वहां वे अपनी उपज को बेच पाएंगे। इस अधिनियम में जिनी थोक बाजार और किसान-उपभोक्ता बाजार स्थापित करने और उनका संचालन करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रावधान है। दलवई ने कहा कि इस अधिनियम को राज्य सरकारें अमल में लाएंगी और कई राज्याें ने अब इसे अपनाना शुरू कर दिया है। कृषि उपज विपणन में सुधार को लेकर सरकार ने दूसरा फैसला-- किसानों को अंतर्राज्यीय विपणन का प्लेटफॉर्म देने की घोषणा की है। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर दलवई ने कहा कि एपीएलएमसी संबंधी कानून को राज्य सरकारें अमल में लाएंगी, जबकि किसानों को अंतर्राज्यीय व्यापार की सुविधा प्रदान करने का काम केंद्र सरकार करेगी, जोकि एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जिससे किसी भी राज्य के किसान दूसरे राज्य में अपने उत्पाद बेच पाएंगे। इससे उनको बेहतर दाम मिल पाएगा।

किसान अपने उत्पादों को सीधे दूसरे राज्यों में स्थित कारोबारियों को बेच सकते हैं

उन्होंने कहा कि सरकारी या निजी एपीएमसी बाजार के बाहर से ही किसान अपने उत्पादों को सीधे दूसरे राज्यों में स्थित कारोबारियों को बेच सकते हैं। दलवई ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश के किसी गांव से कोई कर्नाटक का कृषि उत्पाद खरीदना चाहता है तो उसे बाजार जाने की जरूरत नहीं है वह सीधे ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एपीएमसी मंडियों के लिए ई-नाम है उसी प्रकार इसके लिए भी एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म होगा।

किसानों को उपज का बेहतर दाम दिलाने के मकसद से ही इस बाबत फैसला लिया गया

वहीं, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन को लेकर लिए गए फैसले पर पूछे गए सवाल पर दलवई ने कहा कि किसानों को उनके उपज का बेहतर दाम दिलाने के मकसद से ही इस बाबत फैसला लिया गया है। सरकार ने अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन, प्याज और आलू सहित कृषि-जनित खाद्य पदार्थों को नियंत्रण से मुक्त करने का फैसला लिया है। इससे जमाखोरी व कालाबाजारी बढ़ने की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में अनाजों का उत्पादन खपत के मुकाबले काफी अधिक है इसलिए इस प्रकार का कोई अंदेशा नहीं है। नए नियम के अनुसार, इन आवश्यक वस्तु की केटेगरी में आने वाले कृषि उत्पादों पर अब कीमतों में अत्यधिक वृद्धि, प्राकृतिक आपदा और अकाल जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही स्टॉक की सीमा पर प्रतिबंध लगा या जाएगा।

कठिन बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार परिस्थितियों में भी चल रहा है खेती का काम

कोरोना महामारी के कारण पैदा हुई विषम परिस्थिति के कारण किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने में आने वाली कठिनाई को लेकर पूछे गए सवाल पर दलवई ने कहा कि इस विषम परिस्थति में भी किसानों का सारा काम चल रहा है और सरकार जो फैसले ले रही है यह सब भी उनके हितों में ही है, इसलिए किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को तय समय सीमा में हासिल करने को लेकर कोई कठिनाई नहीं आएगी।

क्या आप चेन्नई सुपर किंग्स और रिलायंस रिटेल में निवेश करना चाहते हैं? जानिए कैसे!

नए जमाने के ब्रोकर और क्रांतिकारी तकनीकी प्लेटफार्मों के माध्यम से रिटेल निवेशकों (आपके और हमारे जैसो) के लिए शेयर बाजारों में निवेश करना बहुत आसान हो गया है। लेकिन क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है, कि आप ओयो रूम्स, चेन्नई सुपर किंग्स और रिलायंस रिटेल जैसी निजी कंपनियों में कैसे निवेश कर सकते हैं?

आपने मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला पर प्री-आईपीओ कंपनियों में निवेश करके करोड़ों कमाने पर लेख पढ़ा होगा। दशकों तक, निजी इक्विटी बाजार केवल हाई -नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (high net-worth individuals) और उनके जैसे उद्यम पूंजीपतियों के लिए ही सुलभ थे। लेकिन आज चीजें बदल रही हैं! इस लेख में, भारत के निजी इक्विटी बाजार और शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने से पहले आप फर्मों में कैसे निवेश कर सकते हैं, इसके बारे में अधिक जानेंगे।

निजी इक्विटी क्या है?

भारत में हम अक्सर प्रमुख उद्यम पूंजीपतियों और हाई -नेटवर्थ वाले व्यक्तियों द्वारा निजी स्वामित्व वाली कंपनियों( privately-owned companies) या स्टार्टअप में निवेश करने की खबरें सुनते हैं। इन निवेशों को बाजार के संदर्भ में निजी इक्विटी (private equity) के रूप में उल्लेखित किया जाता है। यह, फर्मों को अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों को चलाने, नए उत्पादों या प्रौद्योगिकी पर काम करने और विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है। इस तरह के निजी निवेश का उपयोग विस्तार, विविधीकरण या अधिग्रहण के लिए भी किया जाता है। अपनी व्यापक वित्तीय संसाधन के साथ, संस्थानों को आकर्षक व्यवसाय मॉडल तक पहली पहुंच मिलती है। जैसे-जैसे कंपनियां बढ़ती हैं और सार्वजनिक हो जाती हैं, ये शुरुआती निवेशक और प्रमोटर अपने शेयर बहुत अधिक मूल्य पर बेचते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में स्थित निजी कंपनियां और स्टार्टअप अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को विकसित करके फले-फूले हैं। 2020 में, निजी बाजार में निवेश सार्वजनिक बाजार की तुलना में 2.5 गुना अधिक था। EY रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय फर्मों में PE और उद्यम पूंजी निवेश 2021 में 77 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, 2020 की तुलना में 62% की वृद्धि। हमारे देश में ई-कॉमर्स, फिनटेक और एड-टेक सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र हैं। ऐसेमे भारतीय व्यवसायों में कौन निवेश नहीं करना चाहेगा।

दुर्भाग्य से, रिटेल निवेशकों को हमेशा निजी इक्विटी बाजारों में प्रवेश बाधा का सामना करना पड़ा है। निजी फर्मों के निवेश दौर और लेन-देन लाखों डॉलर में (थोक में) किए जाते हैं और छोटे निवेशकों के जेब के अनुकूल नहीं होते हैं। निजी इक्विटी निवेश भी तरल नहीं होते हैं और इनमें सख्त लॉक-इन अवधि होती है। ज्यादातर मामलों में, इन लेनदेन में पारदर्शिता का अभाव होता है। जब Happiest Minds Tech, Nykaa, और लेटेंट व्यू एनालिटिक्स जैसी कंपनियों ने अपने IPO जारी किए, तो हममें से अधिकांश ने उनमें जल्द से जल्द निवेश करना चाहा होगा। इसके अलावा, कम कीमत वाली कंपनियों के शेयर खरीदना हमेशा निवेश का सार रहा है।

मैं निजी कंपनियों में कैसे निवेश कर सकता हूं?

रिटेल निवेशकों के रूप में, हम अक्सर अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और बेहतर रिटर्न प्राप्त करने के लिए नए तरीकों की तलाश करते हैं। इस प्रकार, निजी कंपनियों की इक्विटी में निवेश करने से हम उनकी विकास के सफ़रका हिस्सा बन सकते हैं। इस तरह के निवेश अब लीडऑफ (Leadoff) नामक एक नए मंच के माध्यम से संभव हैं, जिसका उद्देश्य भारतीयों के लिए निजी इक्विटी का लोकतंत्रीकरण करना है

डिजिटल प्लेटफॉर्म अनिवार्य रूप से प्रवेश की बाधा को तोड़ता है और आपको प्रमुख निजी कंपनियों में निवेश करने की अनुमति देता है। यह एक सहज एवं सरल निवेश मंच प्रदान करने के लिए बिचौलियों और समय लेने वाली प्रलेखन प्रक्रियाओं को कम करता है। आप इसकी मदत से चेन्नई सुपर किंग्स, जल्द ही सार्वजनिक होने वाली Oyo Rooms, PharmEasy, और Reliance Retail जैसी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं, जिसकी न्यूनतम राशि केवल 10,000 रुपये है! इन उच्च-विकास फर्मों की वित्तीय रिपोर्टों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के माध्यम से कोई भी तर्कसंगत निवेश का निर्णय ले सकते है। निवेशकों बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार को निवेश करने से पहले हमेशा इन रिपोर्टों को अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए।

यह कैसे काम करता है?

लीडऑफ़ ने निजी स्वामित्व वाली कंपनियों के शुरुआती निवेशकों, संस्थापकों और अन्य शेयरधारकों का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया है। इस प्रकार, वे विभिन्न संस्थाओं से शेयर प्राप्त करते हैं और उन्हें सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को हस्तांतरित करते हैं। शेयर की कीमतों का मूल्यांकन संबंधित कंपनियों और उनकी ऑडिटिंग फर्मों द्वारा किया जाता है। और जब आप ऑर्डर देते हैं, तो लीडऑफ़ शेयरों को सीधे आपके मौजूदा डीमैट खाते में स्थानांतरित कर देता है!

प्लेटफ़ॉर्म बैंक-स्तरीय सुरक्षा और उपयोगकर्ता के अनुकूल डैशबोर्ड प्रदान करता है ताकि आप अपने लेनदेन पर नज़र रख सकें। पोजीशन/होल्डिंग्स को कंपनी शेयर बायबैक के माध्यम से या सार्वजनिक लिस्टिंग के समय बाहर निकाला जा सकता है। साथ ही, भारत में निजी इक्विटी शेयरों में किए गए सभी लेनदेन कानूनी हैं!

निवेश करने का निर्णय लेने से लेकर वास्तव में शेयर प्राप्त करने तक, आप 3 आसान चरणों में लेनदेन करने के लिए सक्षम होंगे:

  • जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं उसकी पूरी जांच पड़ताल करे। पूरी तरह से स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद लीडऑफ ने कई उच्च-विकास फर्मों को चुना है।
  • सूचित निर्णय लेने के लिए इन-प्लेटफ़ॉर्म रिपोर्ट की सहायता से कंपनी के बारे में शोध करें।
  • भुगतान करें, और शेयर 24-48 घंटों में सीधे आपके मौजूदा डीमैट खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे।

हाल ही में हमने देखा है, कि अधिकांश IPO ओवरसब्सक्राइब हो रहे हैं और कुछ भाग्यशाली निवेशक महत्वपूर्ण लिस्टिंग लाभ का आनंद ले रहे हैं। ज़रा सोचिए, कि अगर आप बहुत पहले कार्रवाई करने में सक्षम होंगे, तो रिटर्न क्या होगा! आप इस प्लेटफार्म के सहायता से सक्रिय निवेशकों के क्लब में शामिल हो सकते है, जो भारत के बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार निजी बाजारों के विकास के लिए उत्साहित हैं! जबकि लीडऑफ़ (Leadoff) अभी भी ‘वेटलिस्ट’ मोड में है, आप मार्केटफ़ीड रीडर की कतार को छोड़ सकते हैं और यहां से प्लेटफॉर्म में शामिल हो सकते हैं।

रेलवे की खूबसूरती से दिल्ली का सदर बाजार हुआ घायल

पुरानी दिल्ली से जाने वाली व यहां आने वाली ट्रेनों के रूट में भी भारी फेरबदल किया गया है। सदर बाजार नई दिल्ली व पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच है। 250-300 किलोमीटर की दूरी से रोजाना आने वाले छोटे व्यापारी यहां से माल खरीदते हैं और इन दोनों जगहों से छूटने वाली ट्रेन को पकड़ लेते हैं।

स्टेशन नजदीक होने के कारण कुछ कारोबारी सामान की ढुलाई के लिए आपस में इकट्ठे होकर ट्रेन की बोगी भी बुक करा लेते है। लेकिन बीते 4 तारीख से यह सुविधा खत्म हो गयी है। जो ट्रेनें नई दिल्ली या पुरानी दिल्ली आती थी वे निजामुद्दीन आ रही तो कोई ट्रेन किशनगंजा आ रही है। उनके प्रस्थान करने का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

कनफेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स के महासचिव देवराज बवेजा कहते हैं, 'रमजान का महीना शुरू होते ही सदर बाजार में बाहर के व्यापारियों की भीड़ लग जाती थी लेकिन इस बार तो 50 फीसदी ग्राहक भी नहीं है। कौन सी ट्रेन कहां से जाएगी और कहां आएगी, इसके बारे में अखबारों में विज्ञापन भी आया है लेकिन कितने व्यापारी इन पर ध्यान देते हैं। अब हालत ऐसी है कि एक साल तक इन मालों को संभालना मुश्किल हो जाएगा।' इसी संगठन के प्रधान प्रवीण आनंद कहते हैं, 'रेलवे स्टेशन को खूबसूरत बनाने का काम दीपावली के बाद करना चाहिए था। इन दो महीनों में उनका कारोबार दोगुना हो जाता है। जो इस बार चौपट होता नजर आ रहा है।'

बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार

भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा मीडिया और मनोरंजन बाजार है, जहां 850 से अधिक टीवी चैनल और 17,000 से अधिक समाचार पत्र हैं। यह दुनिया के सबसे विविध और वायब्रैंड मीडिया बाजारों में से एक है और हर प्रकार के मीडिया में सकारात्मक विकास की संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र को टीवी, प्रिंट, फिल्माया गया मनोरंजन, डिजिटल मीडिया, एनीमेशन और वीएफएक्स, लाइव इवेंट, ऑनलाइन गेमिंग, होम मीडिया, रेडियो और संगीत जैसे वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है। फिक्की-ईवाई की “ए बिलियन स्क्रीन ऑफ अपॉर्चुनिटी- इंडियाज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर” शीर्षक रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में इस क्षेत्र में 2017 की तुलना में 13.4% की वृद्धि हुई।

इसके अलावा, अनुमान लगाया जा रहा है कि भारतीय विज्ञापन उद्योग चीन के बाद एशिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता विज्ञापन बाजार है। वर्तमान में, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विज्ञापन क्षेत्र का योगदान 0.38% है।

  • क्षमता और उत्पादन
  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
  • आउटलुक

क्षमता और उत्पादन

टेलीविजन क्षेत्र मीडिया और मनोरंजन उद्योग में एक प्रमुख क्षेत्र है। यह डिजिटल खंड के बाद विज्ञापन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। टेलीविजन खंड का बाजार 2017 के 9.65 अरब यूएस डॉलर से बढ़कर 2018 में 10.83 अरब यूएस डॉलर हो गया। पे टीवी बाजार का राजस्व 2001 के बाद से काफी बढ़ा है और वर्ष 2001 से 2018 के दौरान दोगुने से अधिक हो गया है।

ऑडियो स्ट्रीमिंग बाजार न केवल रेडियो और संगीत टीवी स्टेशनों से खुद को अलग करने की कोशिश में नवाचार कर रहा है, बल्कि सावन, जियो म्यूजिक, गाना, जैसे विभिन्न स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से भी एक अलग खंड तैयार कर रहा है। संगीत खंड का राजस्व 10.9% की वृद्धि के साथ 2018 में 207.72 मिलियन यूएस डॉलर हो गया।

मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में प्रिंट उद्योग दूसरा सबसे बड़ा उद्योग रहा, जिसका इस क्षेत्र में हिस्सा 2016-17 के 4.60 अरब यूएस डॉलर से बढ़कर 2017-18 में 4.95 अरब यूएस डॉलर हो गया और इसमें 3.9% की वृद्धि दर्ज की गई। भारत में अखबारों की पाठक संख्या 40% की वृद्धि के साथ 2017 में 407 मिलियन हो गई, जो 2014 में 295 मिलियन थी। आय में वृद्धि और जीवनशैली विकसित होने से आला पत्रिकाओं के खंड में भी मजबूत वृद्धि हुई है।

डिजिटल वीडियो की बढ़ती खपत से दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म स्टूडियोज के लिए विकास के नए अवसर बन रहे हैं। इनमें से कई स्टूडियो तो पहले से ही भारत में स्थापित हो चुके हैं या भारत के विभिन्न स्टूडियो के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारतीय फिल्मोद्योग बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार दुनियाभर में फिल्मों का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है, जहां 400 प्रोडक्शन हाउस और कॉर्पोरेट हाउस फिल्म निर्माण के काम में लगे हैं। भारतीय फिल्म उद्योग 2016-17 में 2.16 अरब यूएस डॉलर का था, जो 1.47% की वृद्धि के साथ 2.47 अरब यूएस डॉलर का हो गया। भारतीय बॉक्स ऑफिस और 3डी सिनेमा में हॉलीवुड कंटेंट की बढ़ती हिस्सेदारी देश में डिजिटल स्क्रीन के विकास को बढ़ा रही है। फिल्मों को थियेटर में रिलीज करना अब जरूरी नहीं रहा है और भारतीय फिल्म निर्माता विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए फिल्में बना रहे हैं।

दूसरी ओर, आउट ऑफ होम (ओओएच) मनोरंजन के बाजार का आकार 2016-17 के 426.29 मिलियन यूएस डॉलर से बढ़कर 2017-18 में 496.51 मिलियन यूएस डॉलर हो गया और पिछले वर्ष की तुलना में 16.4% की वृद्धि हुई। भारत में 2017-18 में रेडियो उद्योग का बाजार मूल्य 401.86 मिलियन यूएस डॉलर रहा, जो 2016-17 में 357.73 मिलियन यूएस डॉलर था। आउट ऑफ होम मनोरंजन खंड में विज्ञापन पर खर्च करने के मामले में खुदरा, उपभोक्ता सेवाएं और रियल एस्टेट क्षेत्र शीर्ष पर रहे। डिजिटल आउट ऑफ होम बाजार 2017-18 में 1.5 अरब रुपये तक का हो गया, जिसका समग्र बाजार में 4.7% योगदान रहा।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

रेडियोः निजी एफएम चैनलों सहित रेडियो में एफडीआई की सीमा 26% से बढ़ाकर 49% कर दी गई है। निजी ऑपरेटरों को शहर में कई चैनलों के मालिक होने की अनुमति है, जो शहर के कुल चैनलों के 40% की सीमा के अधीन हैं।

टेलीविजनः डीटीएच सैटेलाइट और डिजिटल केबल नेटवर्क के लिए 100% एफडीआई की अनुमति है। समाचार और समसामयिक चैनलों को छोड़कर टीवी चैनलों के अप-लिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए विदेशी निवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

फिल्मः सरकार द्वारा ऑटोमैटिक रूट से 100% तक की एफडीआई की अनुमति दी गई है।

प्रिंटः समाचार पत्र और पत्रिकाओं के प्रकाशन क्षेत्र में काम करने वाली भारतीय फर्मों में 26% तक के एफडीआई / एनआरआई निवेश की अनुमति है। विदेशी पत्रिकाओं के भारतीय संस्करणों के प्रकाशनों में 26% तक के एफडीआई / एनआरआई निवेश की अनुमति है। वैज्ञानिक और तकनीकी पत्रिकाओं / विशेष पत्रिकाओं / पत्रिकाओं के प्रकाशनों में 100% तक के एफडीआई / एनआरआई निवेश की अनुमति है।

एनीमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स (एजीवी) :ऑटोमैटिक रूट से इस क्षेत्र में 100% तक एफडीआई की अनुमति है, बशर्ते कि यह आरबीआई दिशानिर्देशों के अनुपालन में हो।

अप्रैल 2000 से दिसंबर 2018 के दौरान, सूचना और प्रसारण (प्रिंट मीडिया सहित) में एफडीआई आवक सेक्टर 7.50 अरब यूएस डॉलर पहुंच गई। कुल एफडीआई आवक में इसका योगदान 1.83% का रहा।

भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग की लाइफलाइन कहे जाने वाले विज्ञापन क्षेत्र का जीडीपी के प्रतिशत के रूप में व्यय सबसे कम है। वायरलैस ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में भारत एक अहम मोड़ पर है, जो अपने जीडीपी विकास और युवा जनसांख्यिकी के साथ नए अवसर प्रदान करता है।

छोटे और मध्यम उद्यम एसएमई के विज्ञापन आमतौर पर येलो पेजेज या स्थानीय प्रिंट, ओओएच और रेडियो पर सीमित संख्या में दिए जाते हैं। बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ, मार्केटिंग और प्रचार गतिविधियों के लिए मुख्य रूप से गूगल और फेसबुक का प्रयोग एसएमई क्षेत्र को डिजिटल मीडिया में प्रवेश के लिए व्यापक दायरा प्रदान करता है।

फिक्की-ईवाई की “ए बिलियन स्क्रीन ऑफ अपॉर्चुनिटी- इंडियाज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर” शीर्षक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 तक ऑनलाइन आबादी 60% से अधिक होने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर 5जी सेवाएं लॉन्च होने के साथ ही मोबाइल ब्रॉडबैंड उपयोक्ताओं के 2022 तक 70% से अधिक हो जाने की उम्मीद है। ट्राई टैरिफ ऑर्डर से कुल दर्शकों बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार की संख्या, मुफ्त टीवी अपटेक, चैनल एमआरपी दरों और विज्ञापन राजस्व पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसी रिपोर्ट के अनुसार, टीवी और ओटीटी कंटेंट में समानता के चलते ओटीटी प्लेटफॉर्मों को लाभ मिलना तय है। चूंकि बड़े प्रसारकों ने फ्री डिश से अपना कंटेंट हटा लिया है, अतः ओटीटी प्लेटफॉर्मों को इसका लाभ मिल सकता है।

कुल मिलाकर 2018-2021 के बीच मीडिया और मनोरंजन उद्योग के 21% की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है।

LighTake ट्रैक ऑर्डर लाइव

LighTake चीन की एक महत्वपूर्ण कंपनी है जो ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर लाखों पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए विभिन्न प्रकार के गैजेट और मनोरंजन उत्पाद बेचती है।LighTake.com शिपिंग सेवा के लिए धन्यवाद, लाखों उपयोगकर्ता खिलौने, सामरिक कपड़े, शैक्षिक खिलौने, पहेलियाँ, स्टर्लिंग इंजन और कई अन्य चीजों जैसे उत्पादों को खरीद सकते हैं।
वर्षों से, कंपनी एक क्रय प्रणाली और एक बी 2 सी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने के आरोप में रही है, जो न केवल बाजार पर सर्वोत्तम उत्पाद प्रदान करता है, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित और मज़बूती से खरीदने की अनुमति भी देता है।
दूसरी ओर, LighTake टीम कई वर्षों के अनुभव वाले पेशेवर कर्मचारियों से बनी है, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में कंपनी को सलाह देने के साथ-साथ आवश्यक होने पर उपयोगकर्ताओं का मार्गदर्शन करना होता है।कंपनी का एक मुख्य आधार व्यवसाय संस्कृति बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार है जो अच्छी गुणवत्ता वाली सेवाओं की पेशकश करने के लिए उन्मुख है, जहां उपयोगकर्ता उन उत्पादों को प्राप्त कर सकते हैं जो वे तेज, सरल और सुरक्षित तरीके से चाहते हैं।
हर हफ्ते कंपनी नए उत्पादों और उत्कृष्ट गुणवत्ता के लेख जोड़ती है।इसलिए, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म हमेशा अपडेट किया जा रहा है।इसी तरह, LighTake अपने सबसे वफादार और समर्पित ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों की पेशकश का प्रभारी है।
दूसरी ओर, कंपनी के पास न केवल एक ऑनलाइन मंच है जहां उपयोगकर्ता अपनी खरीदारी कर सकते हैं, बल्कि एक मोबाइल एप्लिकेशन भी है जहां उपयोगकर्ता कुछ बुनियादी लेनदेन कर सकते हैं और ग्राहक सेवा जैसे महत्वपूर्ण सेवाओं का अनुरोध कर सकते हैं।
यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि दुनिया भर के लोग LighTake आभासी प्लेटफार्मों द्वारा पेश किए गए सभी उत्पादों का आनंद ले सकते हैं।इस कारण से, यह कंपनी चीन और पूरे एशियाई बाजार में फलफूल रही है।

क्या LighTake सुरक्षित है?

LighTake की बहुत सख्त सुरक्षा नीतियां हैं, जहां यह न केवल आपके हितों की रक्षा करती है, बल्कि ग्राहकों के हितों की भी।खरीद के समय उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी वेब प्लेटफॉर्म की सुरक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित है।
इसी तरह, भुगतान प्रक्रिया के दौरान, उपयोगकर्ताओं को उन प्रणालियों द्वारा संरक्षित किया जाएगा जिन्हें विश्वसनीय और कुशल बनाया जाता है।दूसरी ओर, अपने ग्राहकों के विश्वास को प्रोत्साहित करने के लिए, LighTake लगभग सभी उत्पादों में गारंटी प्रदान करता है, जहां उपयोगकर्ता 12 महीने तक की गारंटी का आनंद ले सकते हैं और यदि आवश्यक हो तो उत्पादों को बदलने का अवसर प्रदान करते हैं।

मैं LighTake से अपने पार्सल को कैसे ट्रैक करूं?

उपयोगकर्ता कई विकल्पों के माध्यम से LighTake ट्रैकिंग सिस्टम का आनंद ले सकते हैं।पहले वाले में ई-मेल को लागू करने वाले बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार शिपमेंट पर सभी प्रासंगिक जानकारी का अनुरोध करना शामिल है।इसी तरह, उपयोगकर्ता ग्राहक सेवा विभाग के माध्यम से अपने खरीदे गए उत्पादों के बारे में जानकारी का अनुरोध कर सकते हैं, जो फोन द्वारा अनुरोधों में भी शामिल हो सकते हैं।
अंत में, वे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर पाए गए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं जहां उपयोगकर्ता संबंधित LighTake ट्रैकिंग नंबर दर्ज कर सकते हैं और बाद में शिपमेंट से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे उत्पाद की स्थिति, उत्पाद का स्थान, या अनुमानित डिलीवरी की तारीख।
अंत में, यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ता केवल उसी अनुरूप भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही ट्रैकिंग नंबर प्राप्त कर सकते हैं।ट्रैकिंग नंबर 24 घंटे के भीतर ईमेल अधिसूचना द्वारा भेजा जाता है।यदि ऐसा नहीं होता है, तो उपयोगकर्ता ग्राहक सेवा से संपर्क कर सकते हैं।

LighTake को जहाज में कितना समय लगता है?

अनुमानित प्रसव का समय कई कारकों के कारण बदल सकता है, जैसे उत्पाद का प्रकार और वितरण की विधि।यदि बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार बाजार प्लेटफार्मों के प्रकार उपयोगकर्ता "हांगकांग पोस्ट" चुनते हैं, तो अनुमानित डिलीवरी का समय 14 दिन है।यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि यह शिपिंग विधि एयरमेल के माध्यम से है, इस प्रकार यह सुनिश्चित करना है कि उत्पाद ग्राहकों तक सुरक्षित रूप से पहुंचे।
इसके अलावा, ग्राहक ईएमएस एक्सप्रेस शिपिंग विधि का भी अनुरोध करते हैं।इस पद्धति के साथ, LighTake शिपिंग समय लगभग 3 से 5 दिन है, और किसी भी महाद्वीप के उपयोगकर्ता वर्चुअल प्लेटफॉर्म द्वारा खरीदे गए अपने उत्पादों को प्राप्त कर सकते हैं।पैकेज हवा, जमीन या समुद्र के द्वारा भेजे जा सकते हैं।हालांकि, उपयोगकर्ता शिपिंग के बारे में फैसला नहीं कर पाएंगे।शिपिंग के तरीके ट्रांसपोर्ट कंपनियों के विवेक पर होंगे।

क्या LighTake में मुफ़्त शिपिंग है?

कंपनी मुफ्त शिपिंग प्रदान करती है।LighTake मुफ़्त शिपिंग केवल उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है जो "हांगकांग पोस्ट" के माध्यम से अपने शिपमेंट का अनुरोध करते हैं।इस पद्धति के माध्यम से, दुनिया के किसी भी हिस्से के उपयोगकर्ता शिपिंग शुल्क का भुगतान किए बिना अपने इच्छित उत्पादों को खरीद सकते हैं।यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि प्रसव का समय लगभग 14 दिन है।

क्या LighTake अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वितरित करता है?

कंपनी अपने उत्पादों को दुनिया के विभिन्न देशों में भेज सकती है।हांगकांग पोस्ट के माध्यम से, कंपनी दुनिया भर के 100 से अधिक देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, नॉर्वे, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, को अपने उत्पाद भेज सकती है।फिलीपींस, वियतनाम और कई और।

LighTake शिपिंग लागतें क्या हैं?

शिपिंग लागत वे लागतें हैं जो उत्पाद के प्रकार और गंतव्य के अनुसार तय की जाती हैं।ये दरें पहले से ही उत्पादों के अंतिम खरीद मूल्य में एकीकृत हैं।इस तरह, उपयोगकर्ता अतिरिक्त लागतों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता के बिना खरीद सकते हैं।
यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि कंपनी छूट प्रदान करती है जब शिपमेंट को डीएचएल या ईएमएस जैसे वाहक द्वारा नियंत्रित किया जाता है।यह आभासी प्लेटफार्मों के भीतर खरीद को प्रोत्साहित करने का एक और तरीका है।

मैं LighTake से कैसे संपर्क करूं?

उपयोगकर्ता विभिन्न कंपनी के संपर्क डेटा जैसे LighTake फ़ोन नंबर तक पहुँच सकते हैं।वे ग्राहक सेवा से संपर्क करने के लिए विभिन्न ईमेल तक भी पहुँच सकते हैं।उपयोगकर्ता फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और यूट्यूब जैसे आधिकारिक सोशल नेटवर्क के माध्यम से भी कंपनी के साथ संवाद कर सकते हैं।
यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि ग्राहक सेवा मोबाइल एप्लिकेशन में भी उपलब्ध है, जिसे केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।ग्राहक सेवा के साथ, उपयोगकर्ता विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाएं कर सकते हैं, जैसे कि प्रश्न, सुझाव, शिकायत, धनवापसी या यहां तक कि अपने उत्पादों को ट्रैक करना।
ये 24 घंटे उपलब्ध हैं, और किसी भी अनुरोध का जवाब देने के लिए लगभग 24 घंटे लगते हैं, जिसमें LighTake डिस्काउंट कोड भी शामिल हैं जो केवल कुछ उत्पादों के लिए उपलब्ध हैं।इन कोडों के साथ, उपयोगकर्ता न केवल कम कीमतों का आनंद ले सकते हैं, बल्कि दो-के-एक प्रचार या मुफ्त शिपिंग का भी आनंद ले सकते हैं।दूसरी ओर, ग्राहक अपने सभी लेनदेन और खरीद में ग्राहक सेवा से सलाह भी प्राप्त कर सकते हैं।

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