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पैसा में खाता प्रकार

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बंधन बैंक लोन कैसे देती है

बंधन बैंक लोन कैसे देती है : आज हम आपको इस आर्टिकल में बंधन बैंक से लोन लेने की जानकारी देंगे जिससे आप कई प्रकार का लोन आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। लोन की आवश्यकता कभी भी किसी को भी पड़ जाती है जिससे उन्हें समझ नहीं आता कि वे लोन कहाँ से लें। बंधन बैंक के माध्यम से आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से लोन ले सकते हैं जिसकी जानकारी हम आपको देंगे। इसके लिए आवेदन कैसे करना है इसकी सभी जानकारी बंधन बैंक लोन कैसे देती है इसके अंतर्गत देंगे। इसलिए आप इस आर्टिकल का अंत तक अवलोकन करें और सभी जानकारी लें।

बंधन बैंक से आप 50000 हजार से लेकर 5 लाख तक का पर्सनल लोन प्राप्त कर सकते हैं इसके लिए आवेदक की आयु 21 से 60 वर्ष होना चाहिए। बंधन बैंक से लोन चुकाने का समय 36 महीने का है और इसका ब्याज दर 15.90% प्रति वर्ष से लेकर 20.74% प्रतिवर्ष तक है। अगर आपको अर्जेन्ट में लोन की आवश्यकता है तो आप इस बैंक से लोन ले सकते हैं। इसके लिए आवेदन कैसे करना है इसकी जानकारी आपको देंगे और आवेदन के अधिकतम 48 घंटे बाद आपके खाते में लोन ट्रांसफर कर दिया जायेगा। इसकी सभी जानकारी आप इस आर्टिकल से ले सकते हैं नीचे प्रक्रिया दिया है।

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बंधन बैंक लोन कैसे देती है ?

बंधन बैंक से लोन लेने के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • अगर आप बंधन बैंक से लोन के लिए ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो पहले आपको बंधन बैंक के ब्रांच में जाना है और पर्सनल लोन की जानकारी लेना है।
  • सभी जानकारी लेने के बाद बैंक के कर्मचारियों से पर्सनल लोन का आवेदन फॉर्म लेना है और उसमे पूछे गए सभी जानकारी सही – सही भरना है
  • सभी जानकारी भरने के बाद मांगे गए सभी दस्तावेजों को आवेदन फॉर्म के साथ अटैच कर देना है।
  • उसके बाद दस्तावेजों के साथ आवेदन फॉर्म को वहाँ जमा कर देना है , जिससे आपके आपके फॉर्म का सत्यापन किया जायेगा और अगर आप पात्र होंगे तो एक या दो दिन में पैसे आपके खाते में आ जायेंगे।
  • इस प्रकार आप बहुत आसानी से बंधन बैंक के माध्यम से पर्सनल लोन प्राप्त कर सकते है।

बंधन बैंक से लोन लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

अगर आप बंधन बैंक से लोन लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आप इसके ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर पर्सनल लोन को सिलेक्ट करें और उसमे सभी जानकारी भरकर सबमिट कर दें। जिससे आपका एप्लीकेशन बैंक के कर्मचारी के पास पहुँच जायेगा और आपको कॉल आएगा जिसमे आपसे योग्यता पूछी जाएगी अगर आप पात्र होंगे तो लोन अप्रूव हो जायेगा। बंधन बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के लिए इस लिंक का उपयोग करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ( FAQ )

जी हाँ , आप बंधन बैंक से 50000 से 15 लाख तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं।

बंधन बैंक से लोन लेने पर आपको 10.5% प्रतिवर्ष ब्याज देना होगा।

इसकी सभी जानकारी पैसा में खाता प्रकार आपको इस आर्टिकल से मिल जायेगा आप उसका अवलोकन कर सकते हैं।

बंधन बैंक लोन कैसे देती है , इसकी सभी जानकारी आपको इस आर्टिकल में विस्तार से बताया गया है अगर आपको लोन की आवश्यकता है तो आप आवेदन कर सकते हैं। आप लोन तभी अप्लाई करें जब आपको बहुत ज्यादा आवश्यकता हो क्योंकि इसका ब्याज दर बहुत होता है जिससे आपको आगे जाकर परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी जानकारी अच्छे से पता करें उसके बाद ही लोन के लिए आवेदन करें।

हमने आपको बंधन बैंक से लोन लेने की सभी जानकारी इस आर्टिकल में दे दिया है उम्मीद है आपको सभी जानकारी अच्छे से समझ आई होगी। इस वेबसाइट से आपको ऐसी और भी लोन से सम्बंधित कई जानकारी मिल जाएगी , यहाँ आपको प्रतिदिन नई जानकारी और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। आर्टिकल के अवलोकन के बाद इसे शेयर अवश्य करें जिससे और लोग इसका लाभ ले सके , धन्यवाद।

बैंक में ज्यादा पैसा रखने के भी हैं कुछ नुकसान, जानिए क्या हो सकती है समस्या

लोगों में बैंक और पैसों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। कुछ लोग तो ये भी कहते हैं कि बैंक में पांच लाख रुपये से ज्यादा जमा करके नहीं रखना चाहिए, जबकि ऐसा कोई नियम है ही नहीं। आप जितना मर्जी चाहे उतना अपने बैंक अकाउंट में पैसा रख सकते हैं। बैंक के डूबने या दिवालिया होने की स्थिति में नियम कहता है कि सरकार आपको पांच लाख रुपये देगी।

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Cash Limit in Bank : बैंक एकाउंट में कितने पैसे रख सकते हैं इसे लेकर लोग अक्सर कनफ्यूज़न में रहते हैं। वहीं कुछ लोगों को ये भी लगता है कि बैंक में 5 लाख से ज्यादा कैश नहीं रखा जा सकता है। दरअसल सच तो यै है कि बैंकों में पैसे रखने को लेकर लोगों के मन कई तरह की आशंकाएँ हैं। कुछ लोगों को लगता है कि बैंक में पाँच लाख से ज्यादा रखा ही नहीं जा सकता। या फिर लोग समझते हैं कि बैंक में ज्यादा पैसा रखने पर इनकम टैक्स वाले उन्हें नोटिस भेज देंगे।

ऐसा कहते आपने किसी न किसी को तो सुना ही होगा कि बैंक में ज्यादा पैसे नहीं रखने चाहिए, लेकिन आप उनसे उसका कारण पूछ लें तो यकीनन वो नहीं बता पाएंगे। दरअसल, लोगों में बैंक और पैसों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। कुछ लोग तो ये भी कहते हैं कि बैंक में पांच लाख रुपये से ज्यादा जमा करके नहीं रखना चाहिए, जबकि ऐसा कोई नियम है ही नहीं। आप जितना मर्जी चाहे उतना अपने बैंक अकाउंट में पैसा रख सकते हैं। बैंक के डूबने या दिवालिया होने की स्थिति में नियम कहता है कि सरकार आपको पांच लाख रुपये देगी, यानी बैंक में पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा की गारंटी रहती है। अगर आपके बैंक अकाउंट में पांच लाख रुपये जमा हैं और संबंधित बैंक दिवालिया होता है तो आपके पांच लाख रुपये पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। शायद इस वजह से लोग सोचते होंगे कि बैंक में पांच लाख रुपये से ज्यादा नहीं रखने चाहिए।

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हालांकि बैंक में ज्यादा पैसे रखने के कुछ नुकसान भी होते हैं। पहला तो ये कि अकाउंट में अधिक पैसों की वजह से आप इनकम टैक्स की नजर में आ सकते हैं। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पैसों पर इनकम टैक्स का नोटिस तभी आएगा, जब उन पैसों का कोई सोर्स पता न हो। इसलिए आपको बैंक में जमा अपने पैसों की पूरी डिटेल रखनी होगी कि पैसा कहां से आया, आपके अकाउंट में कैसे जमा हुआ।

अगर आपके बैंक अकाउंट में अधिक पैसा हो और आप इनकम टैक्स के सामने उन पैसों के सोर्स को साबित नहीं कर पाए तो फिर मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। आपके बैंक अकाउंट सो सीज किया जा सकता है, आप पर कार्रवाई हो सकती है।

सेविंग अकाउंट में ज्यादा पैसा रखने का एक नुकसान ये भी है कि जमा राशि पर ब्याज कम मिलता है। ऐसे में बैंक में ज्यादा पैसे जमा करने का कोई फायदा नहीं है। जानकार कहते हैं कि बेहतर होगा आप उन पैसों को फिक्स डिपॉजिट कर दें या म्यूचुअल फंड में लगा दें। इसपर ब्याज ज्यादा मिलेगा, यानी आपको ज्यादा फायदा होगा। इसलिए बैंक में ज्यादा पैसा रखने से पहले एक बार अच्छी तरह सोच विचार लें, कहीं नुकसान न हो जाए।

खाते में कितने पैसे हैं कैसे चेक करें

खाते में कितने पैसे हैं कैसे चेक करें khate me kitna paisa hai : बैंक से पैसे निकालने के बाद और पैसे जमा करने के बाद एक बात जरूर जानना होता है कि मेरे खाते में कितना पैसा है ? अगर पैसे जमा करने या निकालने के बाद पासबुक अपडेट कर देते है तो उसमें हम चेक कर सकते है कि हमारे खाते में कितना पैसा है। लेकिन हमारे पास इतना समय नहीं होता कि सिर्फ पैसे चेक करने के लिए हम पासबुक अपडेट करवाने ब्रांच में जाएँ।

पहले जब हमें जानना होता था कि बैंक खाते में कितना पैसा है, तो हमें ब्रांच में लाइन लगाकर पासबुक अपडेट करवाते थे। लेकिन अब बैंक बैलेंस चेक करने की सुविधा की काफी आसान बना दिया है। अब आप घर बैठे बहुत आसानी से खाते में कितने पैसे हैं ये चेक कर सकते है। यहाँ हम इसी की पूरी जानकारी प्रदान कर रहे है। आप इसे ध्यान से पढ़िए।

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खाते में कितने पैसे हैं ये चेक करने के लिए बैंकों ने बहुत से विकल्प दिए है। लेकिन अधिकांश लोगों को इन सुविधाओं के बारे में नहीं पता है। यहाँ हम खाते में कितना पैसा है ये चेक करने का सबसे सरल तरीका बता रहे है। जिसके द्वारा कोई भी खाताधारक बहुत आसानी अपने बैंक अकाउंट का पैसा चेक कर पाएंगे। तो चलिए शुरू करते है।

खाते में कितना पैसा है कैसे चेक करें ?

  • खाते में कितना पैसा है चेक करने के लिए बैंक की मिस्ड कॉल सर्विस का उपयोग करें।
  • अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बैंक की मिस्ड कॉल सर्विस नंबर पर मिस कॉल करें।
  • मिस्ड कॉल जाने के बाद आपके खाते में कितने पैसे है ये मैसेज में प्राप्त होगा।
  • अलग – अलग बैंकों की पैसा चेक करने का नंबर अलग – अलग है।
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का पैसा चेक करने के लिए 09223766666 पर मिस कॉल करें।
  • एचडीएफसी (HDFC) बैंक का बैलेंस चेक करने के लिए 18002703333 पर कॉल करें।
  • आईसीआईसीआई बैंक पैसा चेक करने के लिए 9594612612 पर मिस्ड कॉल करें।
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का बैलेंस चेक करने के लिए 18001802223 पर मिस्ड कॉल करें।
  • एक्सिस बैंक का पैसा चेक करने के लिए 18004195959 पर मिस्ड पैसा में खाता प्रकार कॉल करें।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा का अकाउंट बैलेंस चेक करने के लिए 8468001111 पर मिस कॉल करें।
  • कैनरा बैंक का पैसा चेक करने के लिए 09015483483 पर कॉल करें।
  • सेंट्रल बैंक का बैलेंस चेक करने के लिए 9555244442 पर मिस्ड कॉल कीजिये।

एटीएम मशीन पर चेक करें खाते में कितने पैसे हैं ?

अगर आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक खाते में रजिस्टर्ड नहीं है या मिस्ड कॉल सर्विस से आप पैसा चेक नहीं कर पा रहे है तो एटीएम मशीन पर भी पैसा चेक कर सकते है। इसकी पूरी प्रक्रिया यहाँ हम बता रहे है –

  • सबसे पहले अपने बैंक की नजदीकी एटीएम मशीन पर जाइये।
  • एटीएम मशीन में जाने के बाद दिए गए कार्ड स्लॉट में अपना एटीएम कार्ड एंटर करें।
  • अब अपना 4 अंक का एटीएम पिन नंबर एंटर करके वेरीफाई कीजिये।
  • इसके बाद स्क्रीन पर मेनू में Check Balance विकल्प को सेलेक्ट कीजिये।
  • कुछ टाइम प्रोसेस होने के बाद स्क्रीन पर वर्तमान बैलेंस दिखाई देगा।
  • यहाँ आप चेक कर सकते है कि खाते में कितने पैसे है।

सारांश -:

खाते में कितना पैसा है चेक करने के लिए सबसे पहले अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बैंक की मिस्ड कॉल नंबर पर कॉल करें। रिंग जाने के बाद कॉल ऑटोमैटिक कट जायेगा। कॉल कट होने के कुछ समय बाद मैसेज में आपके खाते का वर्तमान बैलेंस प्राप्त होगा। इसमें आप चेक कर सकते है कि आपके खाते में कितने पैसे है।

खाते में कितने पैसे हैं कैसे चेक करें, इसकी पूरी जानकारी स्टेप by स्टेप बहुत सरल तरीके से यहाँ बताया है। अब कोई भी खाताधारक बिना किसी परेशानी के अपने खाते का पैसा चेक कर पायेगा। अगर इसमें आपको किसी तरह की परेशानी आये या बैंकिंग पैसा में खाता प्रकार से सम्बंधित आपके मन में कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। हम बहुत जल्दी आपको रिप्लाई करेंगे।

खाते में कितना पैसा है ये चेक करने की जानकारी पैसा में खाता प्रकार सभी खाताधारकों के लिए बहुत उपयोगी है। इसलिए इस जानकारी को उन्हें व्हाट्सएप्प ग्रुप और फेसबुक में शेयर जरूर करें। इस वेबसाइट पर हम आसान और सुरक्षित बैंकिंग से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करते है। अगर आप नई – नई जानकरी सबसे पहले पाना चाहते है तो गूगल सर्च बॉक्स में सर्च कीजिये – bankingguru.in धन्यवाद !

Current account new rules : करंट अकाउंट किसे कहते हैं? जानिए नए नियमों का आपके ऊपर क्या होगा असर

टाइम्स नाउ डिजिटल

Current account new rules : करंट अकाउंट खोलने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय निर्दिष्ट किए हैं। आप यहां पैसा में खाता प्रकार आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के बारे में जान सकते हैं।

What is a Current Account, Know what will be effect of the new rules on you

Current account new rules : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने करंट अकाउंट यानी चालू खाते खोलने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय निर्दिष्ट किए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उधारकर्ताओं के बीच क्रेडिट अनुशासन है और फंड की कोई री-रूटिंग (डायवर्जन) नहीं हो रही है। अगस्त 2020 में अधिसूचित इन नए नियमों को शुरू में तीन महीने में लागू करना था। हालांकि, बैंकों को इनका अनुपालन करने के लिए और समय की जरुरत महसूस होने के चलते इसकी समय सीमा 31 जुलाई 2021 तक बढ़ा दी गई। अब इसे एक बार और बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है। यहां आप करंट अकाउंट और आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के बारे में जान सकते हैं।

करंट अकाउंट किसे कहते हैं?

चालू खाता, जिसे लेनदेन संबंधी खाते (यानी ट्रांजेक्शनल अकाउंट) के रूप में भी जाना जाता है, एक बैंक खाता है जिसमें दैनिक लेनदेन की कोई सीमा निर्दिष्ट नहीं होती है। ये खाते न तो निवेश के उद्देश्य से काम करते हैं, और न ही बचत खाते (सेविंग अकाउंट) की तरह इन खातों में रखी धनराशि पर कोई ब्याज मिलता है। चालू खातों का उपयोग आमतौर पर पेशेवर, छोटे व्यवसाय और उद्यमी करते हैं।

एकल करंट खाता कौन खोल सकता है?

करंट खाता सुविधा आमतौर पर उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो किसी न किसी व्यवसाय से जुड़े हैं। इस तरह का खाता खोलने के लिए आपके पास निगमन प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन), फर्म या कंपनी के पते का साक्ष्य और आपका पैन कार्ड जैसे दस्तावेज होने चाहिए। कई बैंक जीएसटी पंजीकरण संख्या पर भी जोर देते हैं। नए नियमों के बाद, वे ग्राहक भी चालू खाता खोल सकते हैं जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली से कोई लोन सुविधा नहीं ले रखी है और जिनका बैंकिंग प्रणाली में एक्सपोजर 5 करोड़ रुपए से कम है। हालांकि, ऐसा करते समय बैंक ऐसे ग्राहकों को यह वचनपत्र देने के लिए कह सकते हैं कि यदि उधारकर्ता द्वारा बैंकिंग प्रणाली से लिया जाने वाला क्रेडिट 5 करोड़ रुपए को पार कर जाता है तो वे इस बारे में बैंकों को सूचित करेंगे।

ये नए मानदंड क्यों?

यह देखा गया है कि कई उधारकर्ता, जिन्हें बैंकों ने नकदी ऋण (सीसी) या ओवरड्राफ्ट (ओडी) सुविधाओं के जरिए पैसा उधार दिया था, उधार ली गई धनराशि को अन्य बैंकों में मौजूद अपने चालू खातों में ट्रांसफर कर रहे थे। यह बैंकिंग नियामक के नजरिए से उचित तरीका नहीं था। आरबीआई ने मानदंडों को इसलिए सख्त बनाया है ताकि उधारदाता संघ (यानी कन्सोर्टियम ऑफ लेंडर्स) से बाहर जाकर उधार लेने वालों द्वारा नए चालू खाते खोलने की इस प्रथा पर अंकुश लगाया जा सके, विशेष रूप से जब अंडर स्ट्रेस होते हैं और एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड डायवर्ट करते हैं। अपने परिपत्र में आरबीआई ने कहा है कि "कोई भी बैंक उन ग्राहकों के लिए चालू खाता नहीं खोलेगा, जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली से नकदी ऋण (सीसी) / ओवरड्राफ्ट (ओडी) के रूप में क्रेडिट सुविधा प्राप्त की है और सभी लेनदेन सीसी/ ओडी खाते के जरिए किए जाएंगे।

इससे कौन से चालू खाते होंगे?

इसका असर उन उधारकर्ताओं के चालू खातों पर पड़ेगा, जिन्होंने दूसरे बैंकों से सीसी/ओडी की सुविधा ले रखी है। बैंक इस बारे में आपको सूचित करने के लिए नोटिस भेजेगा। इसके अलावा, यदि आपने सीसी/ओडी सुविधाओं का लाभ उठाया है और उन फंड को अपने चालू खाते में ट्रांसफर कर दिया है तो आपका खाता प्रभावित होगा। यदि आपके पास पहले से एक चालू खाता है और आपने कोई सीसी/ओडी सुविधा नहीं ली है तो आपका खाता बंद नहीं होगा।

यदि खाता बंद हो जाता है तो उसमें रखे पैसे का क्या होगा?

अधिकांश बैंकों ने उन चालू खातों को फ्रीज कर दिया है जो नए दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते थे। आपसी समाधान की दृष्टि से बैंक इन खातों को ग्राहकों के लिए फिर से खोल और चालू कर सकते हैं। बंद खातों के मामले में, उन्हें फिर से नहीं खोला जा सकता है लेकिन ग्राहक इसमें रखी हुई रकम निकाल सकते हैं।

यदि चालू खाते को फ्रीज या बंद कर दिया गया है, तो खाते में मौजूद धनराशि उधारकर्ता के बचत या सीसी/ओडी खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। आपको उस शाखा में जाना होगा जहां आपका खाता है, और फिर आवेदन पत्र भरकर पैसा ट्रांसफर करने के लिए बैंक से अनुरोध करें। बैंक या तो उक्त खाते में आरटीजीएस कर सकता है या फर्म के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट प्रदान कर सकता है, या उस राशि को आपके सीसी/ओडी खातों में पैसा में खाता प्रकार ट्रांसफर कर सकता है। कुछ मामलों में, यदि चालू खाते में राशि बहुत कम है तो आप इसे नकद में भी प्राप्त कर सकते हैं (हालांकि, यह बैंक पर और बैंक के साथ आपके संबंधों पर निर्भर करता है)। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जरूरी है कि आप सत्यापन के लिए अपना केवाईसी विवरण तैयार रखें।

नए नियमों में 10% ऋण एक्सपोजर की आवश्यकता का क्या अर्थ है?

इसका यह अर्थ है कि बैंकिंग प्रणाली में ग्राहक के कुल ऋण एक्सपोजर में से, यदि किसी उधारदाता के प्रति एक्सपोजर 10% या पैसा में खाता प्रकार उससे अधिक है, तो डेबिट सुविधा उस विशेष बैंक के साथ खोले गए सीसी/ओडी खाते में उपलब्ध होगी। उदाहरण के लिए, यदि आपने विभिन्न उधारदाताओं से 5 करोड़ रुपए का ऋण लिया है। मान लीजिए कि इसमें से केवल एक उधारदाता 'क' ने आपको 50 लाख रुपए (कुल ऋण का 10%) या अधिक राशि का ऋण दिया है, तो आप उधारदाता 'क' के साथ खोले गए सीसी/ओडी खाते से ही डेबिट सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

यदि उस उधारकर्ता के बैंकिंग प्रणाली के प्रति एक्सपोजर के 10% या अधिक वाले बैंक एक से ज्यादा हैं, तो जिस बैंक को निधि विप्रेषित की जानी है, वह उधारकर्ता और बैंकों के बीच निर्धारित किया जा सकता है। इसके अलावा, यह उल्लेखनीय है कि जहां एक उधारकर्ता के प्रति किसी बैंक का एक्सपोजर (उस उधारकर्ता के प्रति) बैंकिंग प्रणाली के एक्सपोजर के 10% से कम है, वहाँ सीसी/ओडी खाते में क्रेडिट की तो पूरी अनुमति होगी, किंतु इस सीसी/ओडी खाते में डेबिट केवल उधारकर्ता के उस बैंक के सीसी/ओडी खाते में क्रेडिट के लिए किया जाएगा, जिसका उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर उस उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर का 10% या इससे अधिक है।

निष्कर्ष

31 जुलाई तक ऐसे ज्यादातर चालू खाते फ्रीज कर दिए गए थे लेकिन बंद नहीं किए गए थे। समय सीमा बढ़ाने के बाद, बैंक अब नई व्यवस्था के लिए अपने ग्राहकों से माइग्रेशन पथ के बारे में बात करेंगे। अधिकांश बैंक अपने ग्राहकों के साथ बात कर इन मुद्दों को पारस्परिक रूप से हल करने का प्रयास करेंगे। जिन खातों को फ्रीज कर दिया गया है, उन्हें अब फिर से खोला और चालू किया जा सकता है क्योंकि आरबीआई ने (इन नियमों को) लागू करने की तिथि बढ़ा दी है।

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