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ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं

ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं

GST on Pizza Topping: पिज्जा के टेस्ट नहीं टैक्स को लेकर अदालत में पहुंचा मामला, जानें क्‍या आया फैसला

GST on Pizza Topping: किन वस्‍तुओं एवंं सेवाओं पर किस दर से वस्‍तु एवं सेवा कर लगाया जाए, इसका निर्धारण अदालतें करती रही हैं. हाल ही में कोर्ट ने पिज्‍जा टॉपिंग को लेकर भी अपना निर्णय दिया है.

By: ABP Live | Updated at : 26 Oct 2022 01:30 PM (IST)

पिज्‍जा टॉपिंग्‍स पर टैक्‍स

GST on ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं Pizza Topping: पिज्‍जा के टॉपिंग्‍स ही इसे स्‍वादिष्‍ट बनाते हैं. बात अगस्‍त की है जब पिज्‍जा टॉपिंग्‍स बनाने वाली एक कंपनी को इस पर लगने वाले वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) को लेकर कोर्ट जाना पड़ा. पांच साल पहले जीएसटी लागू किया गया था और अब इससे हर महीने लगभग 17 अरब डॉलर सरकार के खाते में जा रहे हैं. अब बात करते हैं अदालत में पहुंचे मामले की.

मोजारेला (Mozzarella) टॉपिंग्‍स को लेकर खेड़ा ट्रेडिंग कंपनी ने अदालत में कहा कि इसे चीज के तौर पर वर्गीकृत किया जाना चाहिए, जिस पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है. कंपनी ने यह भी कहा कि चीज और मिल्‍क सॉलिड की बदौलत ही पिज्‍जा की एक-तिहाई टॉपिंग्‍स तैयार होती है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा की एक अदालत ने इस बात पर अपनी असहमति जताई. अदालत ने कहा कि टॉपिंग में शामिल चीज को अकेले चीज के तौर पर वर्गीकृत नहीं किया जा सकता.
अदालत ने कहा कि टॉपिंग्‍स में वनस्‍पति तेल की हिस्‍सेदारी 22 प्रतिशत होती है. कंपनी ने कहा कि तेल से पिज्‍जा में सिर्फ स्‍वाद ही नहीं आता बल्कि इससे टेक्‍सचर भी बेहतर आता है. यह सस्‍ता भी है. अदालत ने कहा कि वनस्‍पति फैट चीज का इन्‍ग्रेडिएंट नहीं है. इसकी वजह से टॉपिंग्‍स को चीज में शामिल नहीं किया जा सकता, इसे एडिबल प्रीपेयरेशन कहना ज्‍यादा बेहतर होगा, साथ ही इस पर 18 प्रतिशत की दर से GST लगाया जाएगा. और इस प्रकार कंपनी केस हार गई.

पिज्‍जा की टॉपिंग्‍स की तरह ही पराठा से जुड़ा मामला भी अदालत पहुंचा था. 20 महीने तक मामले पर सुनवाई चलती रही. सितंबर में फैसला आया कि पराठे पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. वहीं, रोटी पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाता है.

आपको याद होगा कि अदालत ने आइसक्रीम पर लगने वाले जीएसटी को लेकर भी एक बड़ा फैसला दिया था. कोर्ट ने कहा था कि रेस्‍तरां की तुलना में पार्लर पर बिकने वाले आइसक्रीम पर ज्‍यादा टैक्‍स देना होगा. पार्लर में बिकने वाले आइसक्रीम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला आया था. कोर्ट ने कहा था कि आइसक्रीम पार्लर्स पहले से तैयार आइसक्रीम बेचते हैं और रेस्‍तरां की तरह खपत के लिए आइसक्रीम बनाते नहीं हैं.

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Published at : 26 Oct 2022 01:30 PM (IST) Tags: GST pizza Pizza Toppings GST on Pizza हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

Price Action Trading क्या होता है

जब भी आप किसी शेयर का भाव देख रहे होते हैं तो उसमें सारी चीजें जो वह कंपनी क्या करती है, ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं आने वाले समय में वह जो करेगी, गवर्नमेंट की पॉलिसी, न्यूज़, सेंटीमेंट, और वह सब चीजें जिससे किसी शेयर के मूल्य प्रभावित होती है, यह हो सकती है इन सब का एक योग है! मार्केट को यह सारी चीजें पता होती है और उसके बाद ही वह किसी कंपनी का मूल्य तय करता है इसी लिए कहा जाता है कि भाव भगवान है !

Price Action Trading क्या है

जब हम किसी शेयर में निवेश या ट्रेडिंग उसके मूल्य और उसमें बदलाव होने के आधार पर करते हैं, तो उसे Price Action Trading कहते हैं ! शेयर मार्केट में आप जितने भी तरह के Indicator का उपयोग करते हैं वह सब चीज Price से ही आता है, इसी कारण से यह ट्रेडिंग सबसे अच्छी तकनीकी कहलाती है! इसमें आप बिना Indicator के केवल Price को देख कर Trading और Investment करते है !

Price Action Trading कैसे करते हैं

इस तकनीक के माध्यम से ट्रेडिंग करने के लिए आपको प्राइस के पीछे पीछे चलना होता है जैसे अगर किसी शेयर का मूल्य बढ़ रहा है तो आपको उसमें खरीददारी करनी होती है और किसी शेयर का मूल्य घट रहा है तो उसमें बिकावली, इसके अलावा आपको प्राइस ने पहले किस जगह पर Resistance या Support लिया था और वहां पर प्राइस ने किस तरह का व्यवहार किया था इन सब को देखकर ट्रेडिंग करनी होती है ! कोई शेयर चाहे कितना भी ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं अच्छा क्यों ना हो, News Channel, Analysis, कुछ भी बाता रहा हो, उस शेयर के लिए आपके मन चाहे जिस भी तरह के Emotion हो आपको केवल भाव को मानना है !

प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे अच्छा क्यों है

जितने भी तरह के ट्रेडिंग तकनीक है वह सभी Price से आई हुई है आप जिस भी तरह के इंडिकेटर का प्रयोग करते हैं वह सब इसी से बना हुआ है अगर सब इसी से बना हुआ है तो आप किसी और तकनीक के बजाय इससे Trading करेंगे तो आपको ज्यादा फायदा होगा लेकिन इसमें सिखने समझने में बहुत ही ज्यादा धैर्य की जरूरत होती है साथ ही साथ अगर आप ईसे सीखना चाहते हैं तो किसी तकनीक से इसमें अधिक समय लगता है !

किसी शेयर को सस्ते में खरीदने और महंगे में ना खरीद पाने के पीछे हमारे मन की Psychology काम करती है,जब किसी शेयर की कीमत कम से ज्यादा हो जाती है तब हमें डर लगने लगता है कि कहीं अगर हम इस शेयर को खरीदे और इसमें गिरावट….

Share market क्या होता है? शेयर मार्केट में पैसा निवेश कैसे करें

पहले यह समझना जरूरी हैं कि Share Market क्या है और इसमें क्या होता हैं? Share Market को Stock Market या Equity Market भी कहा जाता हैं। यह वह जगह होती हैं जहाँ विभिन्न कंपनियों के शेयर्स खरीदने और बेचे जाते हैं।

लेकिन यह कोई सामान्य बाजार जैसा नहीं हैं, डिजटाइलेजशन के बाद तो बिल्कुल नहीं हैं। भारत मे मुख्य रूप से 2 शेयर मार्केट हैं, जो इस प्रकार हैं:

BSE : बीएसी का पूरा नाम मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) है, जो भारत ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं का सबसे पुराना आधिकारिक शेयर बाजार भी है। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना 1875 में कई जा चुकी हैं।

NSE : एनएसी का फुल फॉर्म नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (National Stock Exchange of India) हैं जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी लेकिन इसमे ट्रेडिंग की शुरुआत 1994 में हुई थी।

सरल भाषा में शेयर बाजार को समझा जाए तो शेयर बाजार एक ऐसा बाजार होता है, जहां पर काफी सारी कंपनियां लिस्टेड होती है और उनके शेयर खरीदे हुए बेचे जाते हैं। शेयर की कीमत कंपनी की वैल्यू, प्रॉफिट, लॉस और डिमांड और सप्लाई जैसे नियमों पर आधारित होती है।

आप कंपनी के जितने शेयर खरीदते हैं, उतने ही आप कंपनी के मालिक माने जाते हैं। यही कि अगर आपने किसी कंपनी के 1% शेयर खरीदे तो आप उस कंपनी के 1% मालिक होंगे।

शेयर बाजार कैसे काम करता हैं? How Share Market Works in Hindi?

अब क्योंकि आप समझ चुके हैं कि शेयर बाजार क्या है और इसमें क्या होता है तो आपका यह जानना भी जरूरी है कि शेयर बाजार कैसे काम करता है?

सबसे पहले तो आपको यह जानना होगा कि किसी भी कम्पनी के शेयर या फिर कहा जाए तो स्टॉक कम्पनी की ओनरशिप इक्विटी को दर्शाते हैं।

अर्थात आप कम्पनी के जितने प्रतिशत शेयर के मालिक होंगे, आपका कम्पनी पर उतना ही अधिकार होगा। इसके अलावा कैपिटल गेन और डिविडेंट्स के रूप में कम्पनी की कॉरपोरेट इनकम पर भी शेयर होल्डर का अधिकार होता हैं।

शेयर बाजार में विभिन्न कम्पनियो के लिमिटेड स्टॉक्स लिस्टेड किये जाते हैं, जिनपर ट्रेडिंग की जाती हैं अर्थात उन्हें ख़रीदा और बेचा जाता हैं। शेयर बाजार की पूरी गणित डिमांड और सप्लाई के नियम पर आधारित हैं।

अगर डिमांड अधिक है और सप्लाई कम हैं तो शेयर की कीमत बढ़ती है और अगर डिमांड कम है और सप्लाई अधिक हैं तो शेयर की कीमत घटी हैं।

वैसे तो शेयर की कीमत घटना और बढ़ना कई बातों पर डिपेंड करता है लेकिन वह भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डिमांड और सप्लाई के नियम पर ही निर्भर करती है।

शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाते हैं? How to Earn Money from Share Market in Hindi

अब तक आप समझ चुके होंगे कि शेयर बाजार क्या है और यह कैसे काम करता है? तो अब बारी है शेयर बाजार से पैसे कमाने की प्रोसेस को समझने की। शेयर बाजार से पैसे कमाना बिल्कुल रियल एस्टेट से पैसे कमाने जैसा है।

रियल एस्टेट में आप कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं और विभिन्न कारणों से और इन्फ्लेशन के साथ उस प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है। जब आप उसे बेचते हैं तो आपको प्रॉफिट मिलता है और यह प्रॉफिट आपकी कमाई होती है।

जो आपको आपके इन्वेस्टमेंट से मिली है। लेकिन अगर आप गलत जगह पर अधिक कीमत में प्रॉपर्टी खरीदेंगे और उसे कम कीमत में बेचेंगे तो आपको लॉस होगा।

बिल्कुल ऐसा ही शेयर बाजार में भी होता है। डिमांड और सप्लाई की वजह से शेयर बाजार में शेयर की कीमत घटती और बढ़ती रहती है। जब भी किसी चीज की कीमत घटती है तो उसमें निवेश करके ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं अच्छा प्रॉफिट भी प्राप्त किया जा सकता है और लॉस होने की संभावनाएं भी रहती है।

शेयर बाजार में जब आप किसी स्टॉक को कम कीमत में खरीदकर अधिक कीमत में बेचते हो तो आपको प्रॉफिट मिलता है और वह प्रॉफिट आपकी कमाई होता है। इसी तरह से शेयर बाजार से पैसे कमाए जाते हैं।

ऐसा नहीं है कि शेयर बाजार में घाटे की संभावना नहीं रहती लेकिन अगर आप रिसर्च के साथ क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करोगे तो प्रॉफिट की संभावना अधिक रहेगी।

शेयर बाजार में इन्वेस्ट कैसे करें? How to Invest in Share Market in Hindi

शेयर बाजार के बारे में काफी कुछ समझ चुके हैं और अब आपको यह निर्णय करना है कि आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं या फिर नहीं।

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि शेयर बाजार में इन्वेस्ट कैसे करते हैं? (How to Invest in Share Market in Hindi)? शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना कोई मुश्किल बात नहीं है और आप घर बैठे हुए आसानी से ही अपने पसंदीदा कंपनी के स्टॉक्स खरीद सकते हैं।

शेयर मार्केट में निवेश करना आसान हैं और अब तो शेयर मार्केट मे पूरा डिजिटलाइजेशन हो चुका है तो आप आसानी से अपने स्मार्टफोन की मदद से बाजार में निवेश कर सकते है।

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए आपको मुख्य रूप से तीन चीजों की आवश्यकता होती है:

  • • आधार कार्ड और पैन कार्ड
  • • सेविंग्स अकाउंट
  • • इंटरनेट कनेक्शन और इंटरनेट सक्षम डिवाइस (Internet-enabled devices)

अगर आपके पास यह तीनों हैं तो आप शेयर मार्केट में निवेश करना शुरू कर सकते हो। लेकिन कैसे? आइये जानते हैं Step by Step प्रोसेस।

सबसे पहले किसी ट्रेडिंग एप्प का चुनाव करे

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आपको सबसे पहले किसी ट्रेडिंग एप का चुनाव करना होगा। Play Store या App Store पर Zerodha, Groww और Angel Broking जैसे कई विश्वसनीय Stock Trading App हैं।

यह सभी ब्रोकर कंपनियां हैं, जो शेयर मार्केट में शेयर खरीदने और बेचने के लिए कुछ ब्रोकरेज चार्ज देती है। इनके Apps के माध्यम से आप आसानी से शेयर बाजार में निवेश कर सकते हो।

डीमैट अकाउंट Open करे

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए अर्थात शेयर खरीदने और बेचने के लिए आपको डिमैट अकाउंट खुलवाना होता हैं। डिमैट अकाउंट वह अकाउंट होता है।

जहां पर आपके स्टॉक्स को रखा जाता है। डिमैट अकाउंट खोलने के लिए आपको कोई अलग प्रोसेस फोलो करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिन एप्स (ब्रोकर) के बारे में हमने आपको बताया आप इन्हीं के माध्यम से आसानी से अपने स्मार्टफोन में ही डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं।

Savings Account जोड़े और Trading शुरू करे

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने जा रहे हो तो इसके लिए आपको पैसे भी चाहिए ही होंगे। क्योंकि आज के समय मे हम इलेक्ट्रॉनिक रुप से शेयर्स खरीदते है और सब काम वर्चुअल किए जाते हैं तो आपको अपने डिमैट अकाउंट से सेविंग अकाउंट्स को जोड़ना होगा ताकि शेयर खरीदने के लिए आप फंड ट्रांसफर कर सको।

Savings Account को Demat Account से जोड़ने के बाद आप Share खरीदना और बेचना शुरू कर सकते हो। इस तरह से आप आसानी से घर बैठे हुए शेयर बाजार में निवेश कर सकते हो।

अंत में

हमने जाना कि शेयर मार्केट क्या होता है और कैसे काम करता है। इसके साथ ही हमने यह भी जाना कि हम कैसे अपने मोबाइल फ़ोन से शेयर मार्केट में पैसा निवेश कर सकते है।

शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने के लिए हमें कुछ छोटे से काम करने होते है। जिसको हम अपने घर से मोबाइल पर कर सकते है। आपको यह जानकारी कैसी लगी आप हमें जरूर बताए।

क्या आप शेयर ट्रेडिंग के बारे में ये बातें जानते हैं?

आम तौर पर जब शेयर का भाव कम होता है या बाजार में कमजोरी होती है, तब शेयर खरीदने का सबसे अच्छा समय माना जाता है.

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आपको यह ध्यान में रखना होगा कि शेयरों में निवेश से काफी जोखिम जुड़ा होता है. अगर आप खुद कंपनियों के नतीजे समझने, उसके शेयरों का मूल्यांकन करने और बाजार की चाल समझ सकते सकते हैं तभी आपको शेयरों में सीधे निवेश करना चाहिए.

किसी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले उसके कारोबार, ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं शेयरों की सही कीमत (मूल्यांकन) और उसके कारोबार की संभावनाओं को जानना जरूरी है. शेयर बाजार में शेयरों के भाव स्थिर नहीं रहते. आम तौर पर जब शेयर का भाव कम होता है या बाजार में कमजोरी पर शेयर खरीदने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है.

आपने जो शेयर खरीदा है, जब उसका दाम बढ़ जाए तो उसे आप बेच सकते हैं. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग की शुरुआत बहुत कम रकम से की जा ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं सकती है.

शेयर ट्रेडिंग कितने तरह के होते हैं?

1. इंट्रा-डे ट्रेडिंग (Intra Day Trading)
इंट्रा-डे ट्रेडिंग में एक ही दिन में शेयर खरीद कर उसे बेच दिया जाता है. मार्केट खुलने के बाद आप शेयर खरीदते हैं और मार्केट बंद होने से पहले उसे बेच देते हैं.
इसे डे-ट्रेडिंग, MIS (Margin Intra day Square off) आदि भी कहते हैं.

Intra Day ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद रकम का 20 गुना आप को मुहैया कराता है. इसका मतलब यह है कि आप उधार रकम लेकर शेयर खरीद सकते हैं और उसी दिन बेच कर उसे वापस कर सकते हैं. यह वास्तव में वैसे निवेशकों के लिए जिन्हें बाजार की बहुत ज्यादा समझ होती है.

2. स्कैल्पर ट्रेडिंग ( Scalper Trading)
यह शेयर ट्रेडिंग का ऐसा तरीका है, जिसमें शेयर को खरीदने के 5-10 मिनट के अंदर ही बेच दिया जाता है. स्कैल्पर ट्रेडिंग किसी कानून के आने या आर्थिक जगत की किसी बड़ी खबर आने पर की जाती है.

शेयर मार्केट के पुराने दिग्गज स्कैल्पर ट्रेडिंग करते हैं. इसमें जोखिम सबसे ज्यादा होता है. स्कैल्पर ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर कंपनियां मार्जिन मुहैया कराती हैं.

3. स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) या शार्ट टर्म ट्रेडिंग
स्विंग ट्रेडिंग थोड़े लंबे समय के लिए किया जाता है. इसमें आम तौर पर शेयर खरीदने के बाद उसकी डीमैट अकाउंट में डिलीवरी ले ली जाती है. स्विंग ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर कोई मार्जिन मुहैया नहीं कराता है.

अगर आप अपने निवेश के लक्ष्य के हिसाब से 5-10 % लाभ की उम्मीद पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर रहे है, तो स्विंग ट्रेडिंग से आप पैसे कमा सकते हैं.ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं

4. LONG TERM ट्रेडिंग
जब आप किसी शेयर को खरीद कर लंबी अवधि के लिए रख लेते हैं तो उसे Long term ट्रेडिंग कहते हैं. स्टॉक मार्केट में ट्रेड करने के बाद अगर आप एक निवेशक के रूप में किसी शेयर में 6 महीने से लेकर कुछ साल तक बने रहें तो यह लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग है.

अगर आप किसी कंपनी के शेयर को एक, तीन या पांच साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए खरीदते सकते हैं. कंपनी के कारोबार में अगर तेजी से वृद्धि हो तो लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में आप बहुत अच्छा लाभ कमा सकते हैं.

आप जिन बड़े निवेशकों के बारे में सुनते हैं वे सभी लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग से ही मुनाफा कमाते हैं. इनमें राकेश झुनझुनवाला, पोरिन्जू वेलियथ, डॉली खन्ना जैसे नाम शामिल हैं.

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मुफ़्त ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलें

चरण 01

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डीमैट अकाउंट क्या होता है?

डीमैट अकाउंट में शेयर और प्रतिभूतियाँ इलेक्ट्रॉनिक रूप में या डीमटेरियलाइज़्ड रूप में रखी जाती हैं। यह शेयर, एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड [ETF], सरकारी प्रतिभूतियों और बॉन्ड जैसी संपत्तियों को रखने का आसान और सुविधाजनक तरीका है।

ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है?

3-इन-1 ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट आपको ऑनलाइन ट्रेडिंग, डीमैट और बैंक अकाउंट खोलने की सहूलियत देता है। हमारे सुविधाजनक और सुरक्षित 3-इन-1 ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट के ज़रिए आप शेयर की लाइव कीमत देख सकते हैं, NSE और BSE पर शेयर की खरीदी-बिक्री कर सकते हैं, चाहे वह इंट्राडे ट्रेडिंग हो या फिर डिलीवरी, फ़्यूचर्स और ऑप्शंस, करेंसी की खरीदी-बिक्री कर सकते हैं, म्युचुअल फ़ंड, IPO और जीवन बीमा में निवेश कर सकते हैं।

ट्रेडिंग अकाउंट की क्या विशेषताएँ हैं?

  • सुविधाजनक ट्रेडिंग : आप सेटलमेंट साइकिल पर नज़र रखने, चेक लिखने और ट्रांसफ़र के निर्देश देने जैसे झंझटों के बिना शेयर की खरीदी-बिक्री कर सकते हैं (इंट्राडे ट्रेडिंग या डिलीवरी)। कोई परेशानी नहीं!
  • सुरक्षा : ब्रोकर के पूल में या डिपॉज़िट में पैसे ट्रांसफ़र करने के बजाय, आप ICICIdirect.com के ज़रिए ट्रेडिंग करते समय अपने डीमैट और बैंक अकाउंट खुद मैनेज कर सकते हैं। यह आपको सिर्फ़ ट्रेडिंग करते समय भुगतान करने की सहूलियत देता है
  • उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला : NSE और BSE दोनों पर शेयर ट्रेडिंग, नई तरह की पेशकश, जैसे - मार्जिन, मार्जिनप्लस, BTST, SPOT. डेरिवेटिव ट्रेडिंग, ओवरसीज़ ट्रेडिंग, म्युचुअल फ़ंड, IPO और ऑन-लाइन जीवन बीमा
  • नियंत्रण : आप पूरी तरह आश्वस्त रह सकते हैं कि आपका ऑर्डर उतनी ही राशि का होगा, जितना आप चाहते हैं, उसमें किसी भी तरह का कोई फेरबदल नहीं होगा, जिसके चलते आपका अपने पैसों और ट्रेड पर पूरा नियंत्रण होगा
  • पुरस्कार विजेता रिसर्च : हम जानते हैं कि निवेश का सही निर्णय लेने के लिए सही रिसर्च की ज़रूरत होती है, इसलिए हमने इस क्षेत्र में अपना काफ़ी ध्यान केंद्रित किया है। लगातार अच्छे नतीजे देने वाली हमारी टीम को 2007 में CNBC आवाज़ द्वारा आयोजित उपभोक्ता पुरस्कार समारोह में 'वित्तीय सलाहकारी के क्षेत्र में सबसे पसंदीदा ब्रांड' के तौर पर वोट किया गया है
  • निगरानी और समीक्षा : अपने निवेश पर नज़र रखना, निवेश करने के मुकाबले ज़्यादा नहीं तो कम-से-कम उतना महत्त्वपूर्ण ज़रूर है। एसएमएम अलर्ट के साथ-साथ हमारे पोर्टफ़ोलियो ट्रैकर और वॉचलिस्ट जैसी सुविधाओं की बदौलत आपको हमारे यहाँ किए गए अपने निवेशों के बारे में लगातार ताज़ा जानकारी मिलती रहेगी, ताकि सही मौका आने पर आप वाजिब कदम उठा सकें

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बीच क्या फ़र्क है?

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बीच का मुख्य फ़र्क यह है कि डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल आपकी प्रतिभूतियों, जैसे कि आपके शेयर सर्टिफ़िकेट और अन्य दस्तावेज़ों को इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में रखने के लिए किया जाता है, जबकि ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल स्टॉक मार्केट में इन प्रतिभूतियों को खरीदने और बेचने के लिए किया जाता है। ट्रेडिंग, डीमैट और सेविंग अकाउंट के इस संयोजन को स्टॉक मार्केट में 3-इन-1 अकाउंट के नाम से जाना जाता है।

ICICIdirect.com का 3-इन-1 अकाउंट, यानी डीमैट, ट्रेडिंग और बैंक अकाउंट क्या होता है?

ICICIdirect आपको देता है एक विशिष्ट 3-इन-1 ऑन-लाइन ट्रेडिंग अकाउंट, जिसमें आपके डीमैट, सेविंग और ट्रेडिंग अकाउंट को एक ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं साथ मिला दिया जाता है, ताकि आपको निवेश करने का सुरक्षित और परेशानी मुक्त अनुभव मिल सके।

3-इन-1 अकाउंट के फ़ायदे :

3-इन-1 ट्रेडिंग अकाउंट आपको डीमैट, ट्रेडिंग और बैंक अकाउंट खोलने की सहूलियत देता है। हमारे सुविधाजनक और सुरक्षित 3-इन-1 ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट के साथ शेयर, फ़्यूचर्स और ऑप्शंस, करेंसी की ट्रेडिंग करें और म्युचुअल फ़ंड, IPO और जीवन बीमा में निवेश करें।

  • आपके बैंकिंग, ट्रेडिंग और डीमेट अकाउंट को एकीकृत करता है
  • निवेश से संबंधित आपकी सभी ज़रूरतों का एकमात्र समाधान
  • ट्रेड रेसर के साथ बाज़ार भाव की लाइव स्ट्रीमिंग
  • ट्रेडिंग के लिए वेब, मोबाइल और कॉल-एन-ट्रेड (फ़ोन से ऑर्डर देने का विकल्प) जैसे अलग-अलग तरह के कई प्लैटफ़ॉर्म को ऐक्सेस करने की सुविधा
  • कई तरह के उत्पादों के लिए विशिष्ट ब्रोकरेज प्लान

ICICI Direct के साथ 3-इन-1 अकाउंट खोलने के लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

  • पते का सबूत
  • स्थायी अकाउंट नंबर (PAN) कार्ड
  • पासपोर्ट आकार के तीन रंगीन फ़ोटोग्राफ़

ट्रेडिंग अकाउंट के अलावा, ऑनलाइन निवेश शुरू करने के लिए और किस चीज़ की ज़रूरत होती है?

ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के बाद, आपके ट्रेटिंग अकाउंट से लिंक किए गए सेविंग अकाउंट में बैंक बैलेंस होना चाहिए और ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं ट्रेडिंग किस किस चीज़ में कि जाती हैं आपको प्रीइम या प्रीपेड जैसा कोई ब्रोकरेज प्लान चुनना होगा।

ICICIdirect 3-इन-1 अकाउंट खोलने के लिए क्या शुल्क लिया जाता है?

ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का शुल्क ग्राहक द्वारा चुनी गई स्कीम पर निर्भर करता है, इसी तरह डीमैट अकाउंट खोलने का शुल्क ग्राहक द्वारा चुने गए डीमैट अकाउंट पर निर्भर करता है (BSDA / रेगुलर) जबकि सेविंग अकाउंट खोलने के लिए ग्राहक को ₹5000 का भुगतान करना पड़ता है।
अकाउंट खोलने का शुल्क 0 से ₹975 रुपए तक हो सकता है। कई स्कीमें उपलब्ध हैं, स्कीम के बारे में और जानकारी पाने के लिए, कृपया 1860 123 1122 पर कॉल करें।
पहले साल में डीमैट अकाउंट के लिए AMC (वार्षिक रखरखाव शुल्क) नहीं लिया जाता। हालाँकि, दूसरे साल से ₹700 का शुल्क (टैक्स छोड़कर) लिया जाता है।
हालाँकि, अगर डीमैट अकाउंट BSDA के अंतर्गत है, तो उसमें ₹50000 तक की कीमत के एसेट रखने के लिए AMC नहीं लिया जाता।

***ब्रोकरेज प्लान **आउटलुक मनी अवार्ड्स में 2018 के सर्वश्रेष्ठ रीटेल ब्रोकर और साल 2019 के रीटेल ब्रोकर पुरस्कार से नवाज़ा गया। ~एकत्र किए जाने वाले मार्जिन 9 नवंबर, 2019 के SEBI सर्कुलर CIR/HO/MIRSD/DOP/CIR/P/2019/139 के अनुसार VaR मार्जिन और ELM होंगे और एक्सपोज़र की “आवृत्ति” लागू होने वाले अपफ़्रंट मार्जिन पर आधारित होगी। + उत्पाद, एक्सचेंज के अनुमोदित उत्पाद नहीं हैं और इनसे संबंधित किसी भी विवाद का निपटारा, एक्सचेंज प्लैटफ़ॉर्म पर नहीं किया जाएगा। ++ ESOP फ़ंडिंग ICICI बैंक द्वारा की जाएगी। ^^मार्जिन ट्रेडिंग की 13 जून, 2017 के SEBI सर्कुलर के CIR/MRD/DP/54/2017 के प्रावधानों और ICICI Securities द्वारा जारी किए गए अधिकार और कर्तव्य स्टेटमेंट में उल्लिखित नियम और शर्तों के तहत करने की अनुमति है। #ऑफ़र के नियम और शर्तें. "ओटीपी भेजें" लिंक पर क्लिक करके, आप समझते और सहमति जताते हैं कि ICICI Direct या ICICI बैंक, अकाउंट खोलने से जुड़ी औपचारिकताओं के मामले में आपकी मदद करने या फिर आपको ICICI Securities के अन्य उत्पाद और सेवाएँ ऑफ़र करने के इरादे से आपसे सभी दिन (रविवार सहित) फ़ोन कॉल, एसएमएस, ईमेल वगैरह के ज़रिए संपर्क कर सकता है, चाहे आपने अपने पहुँच प्रदाता के पास अपनी कोई भी पसंद-नापसंद दर्ज क्यों न करवाई हो। हमसे संपर्क करें – पंजीकृत कार्यालय : ICICI वेंचर हाउस, अप्पासाहेब मराठे मार्ग, प्रभादेवी, मुंबई - 400 025, भारत टेलीफ़ोन : (91 22) 6807 7100 फ़ैक्स: (91 22) 6807 7803. निजता नीति अस्वीकरण ।

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