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FOMC क्या है

FOMC क्या है
भारत जैसी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर ज्‍यादा दबाव नहीं
एक तरफ अमेरिकी और यूरोपीय देश महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हैं तो भारत, चीन जैसी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर इसका FOMC क्या है ज्‍यादा असर नहीं दिख रहा है. ऑस्‍ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में राजकोषीय घाटा उनकी जीडीपी का 14 से 25 फीसदी पहुंच गया है. भारत में यह 6 फीसदी के दायरे में चल रहा है. इससे आने वाले समय में यहां और मांग बढ़ेगी. साथ ही सरकार के पास भी ज्‍यादा फंड खर्च करने की गुंजाइश बनी रहेगी.

FOMC की बैठक से पहले डॉलर इंडेक्स में मजबूती, जानिए किस Commodity में निवेश करना होगा मुनाफे का सौदा

सोने-चांदी की चमक दिनों दिन फीकी पड़ रही है। सोना 5 महीने के निचले स्तरों पर फिसल गया है। घरेलू बाजार में वो 46000 के नीचे कारोबार कर रहा है । इधर चांदी ने भी 60,000 अहम लेवल तोड़ दिया है। दरअसल FOMC की बैठक से पहले डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है जिसकी वजह से इसकी कीमतें लुढ़क रही है। 22 सितंबर को US Fed की पॉलिसी आ रही है। इसके अलावा बैंक ऑफ इंग्लैंड और जापान की भी बैठक है इसकी वजह से भी निवेशक नर्वस है।

सोना 5 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसला है। डॉलर में मजबूती से सोने की चमक फीकी पड़ी है। इधर कॉमैक्स में सोना 1750 डॉलर के नीचे फिसला FOMC क्या है है जबकि घरेलू बाजार में सोना 46,000 के नीचेआया है। पिछले हफ्ते सोने में 2.3 फीसदी की गिरावट आई है।

सोने में दबाव क्यों?

FOMC की बैठक से पहले डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। डॉलर इंडेक्स 93 के पार निकला है। अमेरिका में बढ़ती ट्रेजरी यील्ड से भी सोने में दबाव बना हुआ है जबकि 10 साल की US बॉन्ड यील्ड चढ़कर 1.36% पर नजर आ रही है।

US फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के फैसले के बाद Share Market में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स FOMC क्या है 337 अंक टूटा

US फेडरल रिजर्व उम्मीद के विपरीत अधिक आक्रामक हुआ है और उसने नीतिगत दर साल के अंत तक बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत करने का संकेत दिया है।

US Fed के झटके के बाद भारतीय Share Market की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स टूटकर 59,200 के करीब पहुंचा

US Fed: बीएसई सेंसेक्स 93.81 टूटकर 59,362.97 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 27.75 अंक लुढ़कर 17,690.60 अंक पर पहुंच गया है।

Economic Crisis: अमेरिका को मंदी से बचाने की कोशिशें भारत का करेंगी बंटाधार, पॉवेल की घोषणा ने बढ़ाई टेंशन

यूरोप में यूक्रेन और रूस के बीच लंबे खिंचते युद्ध ने भी कच्चे तेल को स्थाई रूप से 100 डॉलर के पार पहुंचा दिया है। महंगे क्रूड के आयात के कारण इसी सप्ताह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 6 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है।

US Federal Reserve ने ब्याज दरों में की 28 साल में सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी, जानिए आपकी जेब पर पड़ेगा क्या असर

US Federal Reserve : अमेर‍िका में Inflation के 40 साल में र‍िकॉर्ड लेवल पर पहुंचने पर मार्च से अब तक American Fed ने ब्याज दरों में 225 besis Point की बढ़ोतरी कर दी है।

US Federal Reserve : अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले का जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर?

जब 2020 में कोविड -19 ने दुनिया को अपनी चपेट में लिया, तब अमेरिकी फेडरल रिजर्व वैश्विक मंदी को रोकने में सबसे आगे रहा था।

COVID-19 से अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था को बचाने के लिए US फेडरल ने उठाया बड़ा कदम, ब्‍याज दर घटाकर की शून्‍य

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के फैसलों की घोषणा के बाद पॉवेल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह वाकई में अच्छी खबर है, यह हमारे देश के लिए बहुत अच्छा फैसला है।

कोरोनावायरस संकट के बीच Federal Reserve ने ब्याज दरों में की 0.5 प्रतिशत की बड़ी कटौती

फेडरल रिजर्व ने पिछले साल के बाद पहली बार ब्याज दर में कटौती की है। पिछले साल उसने तीन बार ब्याज दरों में कटौती की थी।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्‍याज दरों में की 25 आधार अंकों की FOMC क्या है बढ़ोत्‍तरी, 2.25 से बढ़कर हुई 2.5 प्रतिशत

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल बैंक ने दो दिन चली बैठक के बाद ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की है।

US Federal Reserve Meeting: अमेरिका ने नहीं दिया झटका, केवल इतनी बढ़ाई ब्याज दर

US Federal Reserve ने इतनी बढ़ाई ब्याज दर

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2022,
  • (अपडेटेड 17 मार्च 2022, 10:37 AM IST)
  • 8-1 के वोट से हुआ फैसला
  • महंगाई नियंत्रण में मिलेगी मदद
  • 2018 के बाद पहली बढ़ोत्तरी

अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Fed) ने ग्लोबल इकोनॉमी को कोई बड़ा झटका तो नहीं दिया, FOMC क्या है लेकिन अमेरिका में बीते 40 साल की सबसे अधिक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मौद्रिक नीति (Tighter Monetary Policy) का रास्ता अपना लिया है. फेडरल रिजर्व ने 2018 के बाद पहली बार नीतिगत ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोत्तरी कर दी है. साथ ही आगे इसे और बढ़ाने के भी संकेत दिए हैं.

हाइलाइट्स

अमेरिका में अभी खुदरा महंगाई की दर 42 साल के शीर्ष पर है.
अमेरिका में ब्‍याज दरें इस साल 3.75 फीसदी तक जा सकती हैं.
इससे पहले बैठक में फेड रिजर्व ने 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी.

नई दिल्‍ली. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व आज 27 जुलाई को होने वाली बैठक में अपनी ब्‍याज दरों को एक बार फिर बढ़ाएगा. एक्‍सपर्ट का अनुमान है कि इस बार ब्‍याज दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी हो FOMC क्या है सकती है, जबकि ज्‍यादा दबाव को देखते हुए फेड रिजर्व 1 फीसदी की बढ़ोतरी का भी फैसला कर सकता है.

अमेरिका में अभी खुदरा महंगाई की दर 42 साल के शीर्ष पर है और इस पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बैंक को ताबड़तोड़ ब्‍याज दरें बढ़ानी पड़ रहीं. माना जा रहा है कि अमेरिका में ब्‍याज दरें इस साल 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी तक जा सकती हैं. इससे पहले बैठक में फेड रिजर्व ने 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. हालांकि, इसके बावजूद महंगाई दर में नरमी के बजाए और तेजी आती दिखी.

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